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UCIL-ग्राम सभा त्रिपक्षीय वार्ता सफल: स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, 15 दिनों में पूरा होगा सत्यापन कार्य

Jamshedpur News: जमशेदपुर अंचल कार्यालय में सोमवार को यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) प्रबंधन, जिला प्रशासन और पांच मौजा की ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। लंबे समय से स्थानीय रोजगार, विस्थापन, प्रभावित परिवारों के अधिकार और ग्राम सभाओं की सहभागिता को लेकर चल रहे विवादों को सुलझाने की दिशा में यह बैठक काफी अहम साबित हुई। बैठक की अध्यक्षता अंचल अधिकारी सह मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने की। प्रशासन की मध्यस्थता में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाई। वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में विकास कार्यों और स्थानीय लोगों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करना था।


स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने पर बनी सहमति
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने को लेकर रहा। ग्राम सभाओं ने लंबे समय से यह मांग उठाई थी कि यूसीआईएल की विभिन्न परियोजनाओं और ठेका कार्यों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिले। यूसीआईएल प्रबंधन ने इस मांग को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि अप्रेंटिसशिप अधिनियम के तहत विस्थापित और प्रभावित परिवारों के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा भविष्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए ग्राम सभाओं के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि यदि यह निर्णय प्रभावी ढंग से लागू होता है तो क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी और स्थानीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

18 स्थानीय आवेदकों का दो दिनों में होगा सत्यापन
बैठक में तुरामडीह और नांदूप गांव के 18 स्थानीय आवेदकों के रोजगार संबंधी मामलों पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि इन सभी आवेदकों का ग्राम प्रधान स्तर से सत्यापन कराया जाएगा। ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया गया कि वे दो दिनों के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर संबंधित दस्तावेज यूसीआईएल प्रबंधन को उपलब्ध कराएं। इसके बाद कंपनी प्रबंधन आवश्यक कार्रवाई करेगा। इस निर्णय से उन युवाओं में उम्मीद जगी है जो लंबे समय से रोजगार के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे। ग्राम सभा प्रतिनिधियों ने भी सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की बात कही।

15 दिनों में होगा सभी संविदा कर्मियों का दस्तावेज सत्यापन
वार्ता के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि यूसीआईएल की तुरामडीह इकाई में ठेकेदारों के अधीन कार्यरत कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन होना चाहिए। इस पर सहमति बनी कि सभी संविदा और ठेका कर्मचारियों का सत्यापन संबंधित ग्राम प्रधानों के माध्यम से कराया जाएगा। ग्राम प्रधान 15 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज और सत्यापन रिपोर्ट प्रबंधन को उपलब्ध कराएंगे। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रोजगार के अवसरों का लाभ वास्तविक स्थानीय युवाओं और प्रभावित परिवारों को मिले तथा किसी प्रकार की अनियमितता या बाहरी लोगों की नियुक्ति की शिकायतों का समाधान हो सके।

टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने का निर्णय
बैठक में ग्राम सभाओं ने यह मांग भी रखी कि यूसीआईएल द्वारा जारी होने वाले टेंडरों की जानकारी स्थानीय स्तर तक पहुंचनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों और स्थानीय उद्यमियों को भी अवसर मिल सके। इस पर यूसीआईएल प्रबंधन ने सहमति जताते हुए निर्णय लिया कि भविष्य में तुरामडीह यूनिट से जुड़े सभी टेंडरों की सूचना संबंधित राजस्व ग्रामों के ग्राम प्रधानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राम सभाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। ग्रामीणों का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर प्राप्त होंगे।

माइंस गेट के समीप स्थित संरचना की होगी तकनीकी जांच
बैठक में सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। विशेष रूप से तुरामडीह माइंस गेट के पास स्थित एक संरचना को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की। इस पर सहमति बनी कि सुरक्षा की दृष्टि से उक्त संरचना को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके बाद तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। इस निर्णय को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में किसी संभावित दुर्घटना या सुरक्षा जोखिम को कम किया जा सकेगा।

ग्राम सभाओं ने विकास और अधिकारों के संतुलन पर दिया जोर
बैठक के दौरान ग्राम सभा प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे विकास परियोजनाओं के विरोधी नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के अधिकारों की भी रक्षा हो। केरुवाडुंगरी पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू ने कहा कि ग्राम सभा और यूसीआईएल प्रबंधन के बीच संवाद के माध्यम से समाधान निकालना सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, विस्थापित परिवारों को उनका अधिकार और ग्राम सभाओं की भागीदारी सुनिश्चित होना जरूरी है।उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सभाएं हमेशा विकास के पक्ष में रही हैं, लेकिन विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इसलिए जो सहमति बनी है उसका पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन आवश्यक है।

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