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Jharkhand Police के लिए बड़ी घोषणा: पुलिसकर्मियों हेतु बनेगा अस्पताल और आवासीय स्कूल, CM हेमंत सोरेन ने किया ऐलान

Jharkhand news: रांची में आयोजित पुलिस प्रशिक्षण पूर्णता परेड समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। राज्य पुलिस के चार डीएसपी और 336 आरक्षियों के प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस बल के कल्याण और सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी दिन-रात कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्य करते हैं और ऐसे में उनके परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार की है। इसी सोच के तहत पुलिस कर्मियों के लिए अलग से अस्पताल और आवासीय स्कूल स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम पुलिस परिवारों को बेहतर जीवन सुविधाएं देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास होगा।

पुलिसकर्मियों के लिए अलग अस्पताल और आवासीय विद्यालय की तैयारी


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पुलिस विभाग के लिए समर्पित अस्पताल और स्कूल की स्थापना की दिशा में कार्य करेगी। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में कार्यरत कर्मियों को कई बार कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में उनके परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। आवासीय विद्यालय की स्थापना से पुलिसकर्मियों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जबकि अस्पताल बनने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान में सुविधा होगी।

नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी और अनुशासन का संदेश


मुख्यमंत्री ने परेड-2026 का निरीक्षण भी किया और प्रशिक्षण पूरा कर चुके नए पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल नौकरी की शुरुआत नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आधार है।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षुओं से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातों को व्यवहार में उतारना जरूरी है। कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना, अपराध नियंत्रण और जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में भरोसा और सुरक्षा का माहौल बनाना भी उतना ही आवश्यक है।

महिलाओं की भागीदारी को बताया राज्य की ताकत


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नव नियुक्त आरक्षियों में लगभग 25 प्रतिशत महिला प्रशिक्षु शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और पुलिस सेवा में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति इसका सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में महिला पुलिसकर्मी कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षुओं को किया गया सम्मानित


समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। विभिन्न श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। बताया गया कि समापन परेड में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु डीएसपी और आरक्षियों का चयन किया गया। साथ ही ड्रिल, आउटडोर गतिविधियों और अन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को भी सम्मान दिया गया। यह सम्मान नए पुलिसकर्मियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने वाला माना जा रहा है।

पुलिस कल्याण और बेहतर व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम


राज्य सरकार की यह घोषणा पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पुलिस परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अस्पताल और आवासीय विद्यालय जैसी सुविधाएं लागू होने पर पुलिसकर्मियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक प्रभावी तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। साथ ही यह कदम पुलिस सेवा को अधिक आकर्षक और परिवार-हितैषी बनाने में भी मददगार होगा।


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