https://omg10.com/4/11146156 डीसी ने मुसाबनी व डुमरिया प्रखंड का औचक निरीक्षण किया, जमीनी प्रगति को देखा
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डीसी ने मुसाबनी व डुमरिया प्रखंड का औचक निरीक्षण किया, जमीनी प्रगति को देखा

 पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और विकास योजनाओं को रफ्तार देने के उद्देश्य से मुसाबनी एवं डुमरिया प्रखंड का विस्तृत दौरा किया। इस क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने दोनों प्रखंड कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक कामकाज, सरकारी फाइलों के रख-रखाव और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जमीनी प्रगति की गहन समीक्षा की। उपायुक्त के इस औचक निरीक्षण से प्रखंड मुख्यालयों में दिनभर प्रशासनिक तत्परता देखी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का समय पर पूरा होना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




कार्यालय रिकॉर्ड, संचिकाओं व कर्मचारी उपस्थिति पंजी की जांच की

मुसाबनी प्रखंड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त राजीव रंजन ने सबसे पहले प्रशासनिक सुशासन पर जोर दिया। उन्होंने कार्यालय की उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर), आगत-निर्गत पंजी (इनवर्ड-आउटवर्ड रजिस्टर) सहित विभिन्न विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों और संचिकाओं (फाइलों) को निकालवाकर उनकी बारीकी से जांच की। जांच के क्रम में उन्होंने फाइलों के अद्यतन संधारण (अपडेट रखने) की स्थिति को देखा और कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित सभी ब्लॉक अधिकारियों और कर्मचारियों को हिदायत दी कि कार्यालयी कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि जनता का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।

आमजनों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन करने का दिया निर्देश

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रखंड और अंचल कार्यालय में अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले आम नागरिकों के मामलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बीडीओ और सीओ को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं से जुड़े जितने भी मामले कार्यालय में आते हैं, उनका त्वरित निष्पादन किया जाए। ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कार्यों जैसे जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र या म्यूटेशन के लिए बार-बार प्रखंड मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से जनसुनवाई करें और संवेदनशील होकर आम जनता की शिकायतों का निपटारा करें।

मनरेगा, 15वें वित्त आयोग व पीएम आवास योजना की समीक्षा

प्रखंड क्षेत्र में चल रही बुनियादी ढांचागत विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने मुसाबनी में 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत योजनाओं, मनरेगा के तहत संचालित विभिन्न रोजगारोन्मुखी कार्यों और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति रिपोर्ट तलब की। उन्होंने आवास निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने का आदेश दिया। अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ वास्तविक लाभुकों तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।

मुसाबनी में आम बागवानी योजना का फीडबैक लिया

मुसाबनी भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने धरातल पर योजनाओं का असर देखने के लिए मनरेगा के तहत संचालित 'आम बागवानी योजना' के एक लाभुक के खेत का दौरा किया। उन्होंने सीधे किसान से मुलाकात कर योजना के संबंध में विस्तृत फीडबैक लिया। संवाद के दौरान उपायुक्त ने पौधों की वर्तमान स्थिति, उनके रख-रखाव, सिंचाई की व्यवस्था और इससे होने वाली संभावित आयवृद्धि के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बागवानी आधारित ये महत्वाकांक्षी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। उन्होंने कृषि और उद्यान विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लाभुकों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग लगातार उपलब्ध कराते रहें।

डुमरिया सीएचसी के नये भवन का लिया जायजा, जल्द शिफ्टिंग का निर्देश

मुसाबनी के बाद उपायुक्त का काफिला सीधे डुमरिया प्रखंड पहुंचा, जहां उन्होंने प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण करने के बाद नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नए अस्पताल भवन में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, चिकित्सा सेवाओं के लिए किए गए प्रबंधों, वार्डों की स्थिति और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की बारीकी से जांच की।


उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अभियंतों और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि भवन के जो भी शेष और फिनिशिंग के कार्य बचे हैं, उन्हें युद्धस्तर पर तत्काल पूरा करें। उन्होंने नए भवन में स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द से जल्द शिफ्ट करने की समयसीमा तय की, ताकि सुदूरवर्ती डुमरिया क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सके।

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