टाटानगर में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान युवक और शिक्षक को रोका गया
Jamshedpur News: जमशेदपुर के टाटानगर स्टेशन स्थित चाईबासा स्टैंड के पास ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पुलिस कर्मियों पर बाइक सवार से अवैध रूप से पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद इलाके में काफी चर्चा रही और लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बताया गया कि कोवाली निवासी चंदन सरदार अपने चाचा, जो पेशे से शिक्षक हैं, को जनगणना कार्य के सिलसिले में पोटका से बारीडीह विजया गार्डन लेकर जा रहे थे। शिक्षक की ड्यूटी दूसरे प्रखंड में लगाई गई थी और उम्र अधिक होने के कारण वह स्वयं वाहन नहीं चला पा रहे थे। इसी दौरान चेकिंग पॉइंट पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने उनकी बाइक को रोक लिया। चंदन सरदार का कहना है कि उन्होंने हेलमेट पहन रखा था और वाहन के सभी आवश्यक कागजात की फोटो कॉपी भी दिखाई थी, इसके बावजूद उन्हें काफी देर तक रोका गया।

चालान के नाम पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप
पीड़ित युवक चंदन सरदार ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने उन्हें छोड़ने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी लगातार दबाव बना रहे थे और बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें परेशान किया जा रहा था। इस घटना से उनके साथ मौजूद बुजुर्ग शिक्षक भी काफी परेशान हो गए। चंदन सरदार के अनुसार, जब उन्होंने पुलिस कर्मियों से पूछताछ की कि आखिर किस कारण से उन्हें रोका गया है, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी नियमों का पालन करने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई से आम लोगों में डर और नाराजगी बढ़ रही है।


विधायक संजीव सरदार को दी गई जानकारी
घटना से परेशान होकर चंदन सरदार ने तत्काल पोटका विधायक Sanjeev Sardar को फोन कर पूरी जानकारी दी। विधायक ने पहले फोन पर ही मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी से बात करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि संबंधित पुलिस कर्मी ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। इसके बाद विधायक संजीव सरदार खुद मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। विधायक के पहुंचते ही वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जाहिर की। विधायक ने मौके पर ही ट्रैफिक थाना प्रभारी और डीएसपी ट्रैफिक को बुलाने की मांग की।

विधायक ने दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की
मौके पर पहुंचे विधायक संजीव सरदार ने कहा कि आम जनता को बेवजह परेशान करना गलत है। उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि पैसे मांगने का आरोप सही पाया जाता है तो संबंधित पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके नाम पर लोगों को प्रताड़ित करना या अवैध वसूली करना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। विधायक ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।


डीएसपी ट्रैफिक ने जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन
मामले की सूचना मिलने के बाद डीएसपी ट्रैफिक नीरज मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यदि किसी पुलिस कर्मी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि ट्रैफिक जांच अभियान का उद्देश्य केवल यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है, न कि किसी को परेशान करना। उन्होंने कहा कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

विधायक की तत्परता की स्थानीय लोगों ने की सराहना
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच विधायक संजीव सरदार की सक्रियता और तत्परता की चर्चा होती रही। लोगों का कहना था कि सूचना मिलते ही विधायक का मौके पर पहुंचना और अधिकारियों को बुलाकर जांच की मांग करना आम जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।