Jharkhand news: झारखंड के साहेबगंज जिले का एक सुदूरवर्ती गांव 'बेलपहाड़ी' रविवार एक और सकारात्मक बदलाव का गवाह बना। बरहरवा प्रखंड की विनोदपुर पंचायत के इस गांव में ग्रामीणों, स्थानीय बुद्धिजीवियों और 'डिजिटल लाइब्रेरी ग्रुप, झारखंड' के साझा प्रयासों से "आदिवासी वीरांगना सिंगी दाई-कुईली दाई पुस्तकालय" का भव्य उद्घाटन किया गया। सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायक बात यह है कि इस सामुदायिक पुस्तकालय की स्थापना गांव के ही एक बंद पड़े मध्य विद्यालय के भवन में की गई है। कल तक जो इमारत खामोश और वीरान पड़ी थी, आज वह किताबों की खुशबू और बच्चों की किलकारियों से गूंज उठी है। इस पुस्तकालय का मुख्य उद्देश्य गांव के बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अध्ययन, ज्ञान, संवाद और सामाजिक चेतना का एक साझा केंद्र विकसित करना है, जहां हर कोई अपने सपनों को नई उड़ान दे सके।

अपनी संघर्ष से सफलता तक कहानी से रूबरू कराया

इस पुस्तकालय उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कोटालपोखर के थाना प्रभारी पवन कुमार उपस्थित थे। उन्होंने फीता काटकर पुस्तकालय का विधिवत शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा और पुस्तकालयों के महत्व पर गहराई से प्रकाश डाला। ग्रामीणों और विशेषकर युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने अपने छात्र जीवन के संघर्षों और एक साधारण पृष्ठभूमि से दारोगा (थाना प्रभारी) बनने तक की अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की। श्री पवन कुमार ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा ही वह सबसे मजबूत हथियार है जो इंसान की तकदीर बदल सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस पुस्तकालय को अपना दूसरा घर बनाएं, कुरीतियों से दूर रहें और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर और ईमानदारी से प्रयास करते रहें।

शिक्षा से ही एक सशक्त व जागरूक समाज का निर्माण संभव: संजय कच्छप

समारोह के विशिष्ट अतिथियों में ग्राम प्रधान चंडी मिंज, जानेमाने लाइब्रेरी मैन ऑफ झारखंड संजय कच्छप तथा आर्किटेक्ट एवं इंजीनियर राकेश सोरेन उपस्थित रहे। झारखंड में पुस्तकालय क्रांति के प्रणेता संजय कच्छप ने युवाओं और बच्चों से हर दिन पुस्तकालय आने और सामूहिक अध्ययन की संस्कृति को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने एक गंभीर मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि युवाओं को नशापान जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाना चाहिए। उन्होंने गांव के पढ़े-लिखे और शिक्षित युवाओं से अपील की कि वे अपने व्यस्त समय से कुछ घंटे निकालकर गांव के छोटे बच्चों को पढ़ाएं। उनका मानना है कि शिक्षा के माध्यम से ही एक सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण संभव है. इसमें पूरे ग्रामीण समाज का निरंतर सहयोग अनिवार्य है।

कार्तिक उरांव यूथ क्लब को सौंपी पुस्तकालय संचालन का जिम्मा

पुस्तकालय को केवल खोलना ही बड़ी बात नहीं होती, बल्कि उसका निरंतर और सुचारू संचालन सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए गांव के सक्रिय संगठन कार्तिक उरांव यूथ क्लब, बेलपहाड़ी को पुस्तकालय के दैनिक संचालन, प्रबंधन और रख-रखाव की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई। क्लब के सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे न केवल किताबों की सुरक्षा करेंगे, बल्कि नियमित अध्ययन का माहौल बनाए रखेंगे। इसके साथ ही, क्लब द्वारा बच्चों के लिए समय-समय पर शैक्षणिक गतिविधियों, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं और सामाजिक जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा.

बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को मिला सम्मान

उद्घाटन के इस खास अवसर को बच्चों के लिए और भी यादगार बनाने के लिए एक विशेष ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। गांव के बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को कागज पर उतारा। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले होनहार बच्चों को अतिथियों द्वारा मंच पर मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों के चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। इसके अतिरिक्त, बच्चों के भीतर शिक्षा के प्रति उत्साह जगाने के लिए 'डिजिटल लाइब्रेरी ग्रुप' द्वारा 50 से अधिक बच्चों के बीच ड्राइंग कॉपी, कलर पेंसिल, स्केच पेन, वॉटर कलर, रबर, कटर और पेंसिल बॉक्स बांटे गए। साथ ही, कार्यक्रम में मौजूद सभी छात्र-छात्राओं को लिखने के लिए पेन उपहार स्वरूप दिया गया.

मील का पत्थर साबित होगा पुस्तकालय 

यह सामुदायिक पुस्तकालय केवल किताबों की एक अलमारी या एक कमरा नहीं है, बल्कि यह बेलपाहाड़ी गांव की एकता, समानता, सामाजिक चेतना और ग्रामीण विकास की दिशा में एक सशक्त जनभागीदारी आंदोलन का प्रतीक है। इस ऐतिहासिक शुरुआत पर डिजिटल लाइब्रेरी ग्रुप, झारखंड और बेलपहाड़ी के समस्त ग्रामीणों ने गर्व और संतोष व्यक्त किया। ग्रामीणों को पूरा विश्वास है कि यह छोटी सी पहल आने वाले समय में पूरे साहेबगंज क्षेत्र में अध्ययन की एक नई और मजबूत संस्कृति को जन्म देगी। यह पुस्तकालय आने वाली पीढ़ियों, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की एक मजबूत और ऐतिहासिक नींव साबित होने जा रहा है।

कार्यक्रम में इनकी रही अहम भागीदारी 

इस पल के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता काली चरण मिंज, गांधी बेक, सत्यवान मिंज, राखी खलखो, वीणा टोप्पो, जया कुजूर, हीरामुनी मिंज, विरेन्द्र किस्पोट्टा, मनोज सोरेन, भवेश कुजूर, बिरेन कच्छप, प्रदीप कुमार टोप्पो तथा वार्ड सदस्य प्रदीप बेक ने अपना सक्रिय योगदान दिया। कार्तिक उरांव यूथ क्लब की ओर से जुलियस मिंज, सुशील टोप्पो, जुगेश कौआ, जेबियर मिंज, करण खालखो, सूरज खालखो, पूजा, करीना, मोनिका, संगीता, रीमा, अनिशा, कृपा कच्छप, सबिता कच्छप, राम बाबू हांसदा, मुन्ना सरोज टुडू, राकेश कुजूर, धीरज कुमार, बमबम सिंह समेत अन्य मौजूद थे.