जमशेदपुर: करनडीह स्थित कॉलेज हॉस्टल के एक छात्र पर असामाजिक तत्वों द्वारा किए गए जानलेवा हमले के खिलाफ छात्रों, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय स्वशासन व्यवस्था के प्रमुखों का आक्रोश फूट पड़ा। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज लोगों ने शनिवार को परसुडीह थाना परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने का घेराव कर दिया।
खासमहल सदर अस्पताल से लौटने के दौरान हुआ जानलेवा हमला
यह पूरी घटना 15 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे की है। कॉलेज हॉस्टल में रहने वाला छात्र हो खासमहल स्थित सदर अस्पताल में भर्ती अपने एक बीमार रिश्तेदार को देखकर वापस लौट रहा था। इसी दौरान, खासमहल क्रिकेट मैदान के समीप मुख्य पर पहले से घात लगाए बैठे तीन मोटरसाइकिलों पर सवार अज्ञात युवकों ने उसे घेर लिया। अपराधियों ने बिना कुछ कहे हो पर लाठी-डंडों से अंधाधुंध हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद आरोपी उसे लहूलुहान हालत में मौके से फरार हो गए।
पुलिस की शिथिलता व दो दिनों की से आक्रोश
गंभीर रूप से घायल छात्र हो ने घटना के तुरंत बाद उसी रात किसी तरह परसुडीह थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में छात्र ने पुलिस से क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालने, अपराधियों की पहचान करने और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद, पुलिस प्रशासन द्वारा दो दिनों तक मामले में कोई सक्रियता नहीं दिखाई गई और न ही किसी आरोपी की पहचान हो सकी। पुलिस की इसी शिथिलता और लापरवाही के कारण प्रदर्शनकारियों का गुस्सा उठा और वे पर उतर आए।
थाने से महज 250 मीटर की दूरी पर वारदात, कानून-व्यवस्था पर सवाल
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दिशोम माझी परगना महाल के देश दुर्गाचरण मुर्मू ने क्षेत्र की लचर कानून-व्यवस्था पर तीखे और गंभीर सवाल किए। उन्होंने कहा कि परसुडीह और करनडीह क्षेत्र में इन दिनों असामाजिक तत्वों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। अपराधी इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्होंने परसुडीह थाने से महज 250 मीटर की दूरी पर, मुख्य मार्ग पर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का खौफ अपराधियों के मन से पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे आम नागरिक और छात्र खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग व उग्र आंदोलन की चेतावनी
दुर्गाचरण मुर्मू और छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि परसुडीह पुलिस ने अविलंब घटना स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो छात्र और स्थानीय संगठन चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि न्याय न मिलने की स्थिति में आने वाले दिनों में इसके विरोध में एक व्यापक और उग्र आंदोलन जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस प्रशासन की होगी।
एकजुट हो घटना का किया विरोध
परसुडीह थाना परिसर में हुए इस विशाल विरोध प्रदर्शन में राजनीतिक, सामाजिक और छात्र संगठनों से लोग भारी संख्या में एकजुट हुए। प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्व प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कू, जगत मार्डी, हेंब्रम, राजू बेसरा, भगवत मार्डी, नवीन मुर्मू, मनोज नाहा, और शामिल थे। इनके साथ ही कॉलेज हॉस्टल के दर्जनों छात्र, झामुमो के स्थानीय कार्यकर्ता और भारी संख्या में ग्रामीण भी थाने में डटे रहे। सभी ने एक सुर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की।
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