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यूसीआईएल विस्थापित प्रभावित परिवारों का मामला: अर्जुन मुंडा से सार्वजनिक माफी की मांग, ग्राम सभा ने लगाया राजनीति का आरोप

Jamshedpur News: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस में  यूसीआईएल (यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) विस्थापित प्रभावित संयुक्त ग्राम सभा के तत्वावधान में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में विभिन्न विस्थापित परिवारों, माझी बाबाओं और ग्राम सभा प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा विस्थापन, रोजगार, पुनर्वास और स्थानीय मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान वक्ताओं ने हाल ही में तुरामडीह माइंस गेट पर हुए धरना प्रदर्शन और उससे जुड़े राजनीतिक बयानों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। ग्राम सभा ने दावा किया कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं को राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। संवाददाता सम्मेलन में तालसा ग्रामसभा के माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अपशब्द बोलकर ग्रामसभा और विस्थापित परिवारों की भावना चोट पहुंचाने का काम किया है। लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। अर्जुन मुंडा को अपने उस बयान के लिए सार्वजनिक रूप माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसे सुंदरनगर क्षेत्र के किसी भी गांव में घुसने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को आपस में लड़ाने की साजिश नहीं चलेगी। अपने हक लड़ाई संयुक्त ग्रामसभा खुद लड़ने में सक्षम है।

सीएम रहते अर्जुन मुंडा सहयोग नहीं करने का आरोप 

तालसा ग्रामसभा के माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने सीएम रहते हुए कभी सहयोग में हाथ नहीं बढ़ाया। लेकिन अब धरना प्रदर्शन में बैठकर खुद को हितैषी साबित करना चाहते हैं। विस्थापित परिवार उनकी कथनी और करनी को समझ चुके हैं। वे अपने निजी स्वार्थ के लिए धरना प्रदर्शन का ढोंग कर रहे हैं। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के बयान पर ग्राम सभा का विरोध


संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भाजपा जिला कमेटी के साथ तुरामडीह माइंस गेट पहुंचे थे और वहां कुछ विस्थापितों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया गया था। ग्राम सभा के अनुसार, उस दौरान मंच से यह कहा गया कि कुछ लोग विस्थापितों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं तथा नशे का सहारा लेकर विरोध कराया जा रहा है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्राम सभा के सदस्यों ने इसे स्थानीय विस्थापित प्रभावित परिवारों का अपमान बताया।प्रतिनिधियों ने कहा कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को इस तरह की टिप्पणी से जोड़ना उचित नहीं है और इससे ग्रामीणों की भावनाएं आहत हुई हैं।

भूमि अधिग्रहण और विस्थापित परिवारों का पक्ष रखा गया


ग्राम सभा ने कहा कि यूसीआईएल द्वारा वर्ष 1984-85, 2005-06 और 2010-11 के दौरान पंच मौजा नंदूप, तुरामडीह, तालसा, पुरिहासा और बांदुहूड़ांग क्षेत्र की रैयती भूमि का अधिग्रहण किया गया था। सम्मेलन में कहा गया कि आज भी इन गांवों के पारंपरिक माझी बाबा, ग्राम प्रधान और प्रभावित परिवार अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर एकजुट हैं। प्रतिनिधियों ने दावा किया कि जिन लोगों को लेकर राजनीति किए जाने की बात कही जा रही है, वे वास्तव में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवार हैं। ग्राम सभा की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग किन क्षेत्रों से आए थे और उनकी वास्तविक स्थिति क्या थी।

रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे की मांग दोहराई गई


संवाददाता सम्मेलन में ग्राम सभा के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य माइंस संचालन को बाधित करना नहीं बल्कि स्थानीय विस्थापित प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि पांचों गांव की ग्राम सभा माइंस को बचाने और क्षेत्र के विकास के पक्ष में खड़ी है, लेकिन इसके साथ स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार, विस्थापितों को पुनर्वास, नौकरी और उचित मुआवजा भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय युवाओं के रोजगार और अधिकारों से जुड़े मामलों में पर्याप्त पहल नहीं की गई है, जिसके कारण लोगों में असंतोष बढ़ा है।

राजनीतिक हस्तक्षेप और सामाजिक तनाव पर जताई चिंता


ग्राम सभा ने आरोप लगाया कि बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन रहा है। प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ लोगों के माध्यम से स्थानीय मुद्दों को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की जा रही है। सभा में यह भी कहा गया कि अतीत में जब संबंधित नेतृत्व सत्ता में था तब भी विस्थापित परिवारों की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। प्रतिनिधियों ने इस बात पर चिंता जताई कि ऐसे विवादों से क्षेत्र की सामाजिक एकता और औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। साथ ही प्रबंधन से आग्रह किया गया कि कानून व्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाले मामलों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

ग्राम सभा का संकल्प- न्याय, पारदर्शिता और क्षेत्रीय विकास


संवाददाता सम्मेलन के अंत में संयुक्त ग्राम सभा ने कहा कि उनका उद्देश्य विस्थापित प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और क्षेत्र में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है। प्रतिनिधियों ने कहा कि वे भ्रष्टाचार और दलाली के खिलाफ अभियान जारी रखेंगे तथा यूसीआईएल तुरामडीह माइंस के सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन के साथ स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रयासरत रहेंगे।कार्यक्रम के अंत में ग्राम सभा की ओर से धन्यवाद ज्ञापन दिया गया और सभी ग्रामीणों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की गई।


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