https://omg10.com/4/11146156 भारत का अंडा पाउडर अब विदेशों में करेगा धमाल: ओडिशा से ऑस्ट्रिया पहुंची पहली व्यावसायिक खेप
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भारत का अंडा पाउडर अब विदेशों में करेगा धमाल: ओडिशा से ऑस्ट्रिया पहुंची पहली व्यावसायिक खेप

Bhubaneswar news: भारत के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पहली बार ओडिशा के बालांगीर जिले से सूखे साबुत अंडे (Whole Egg Powder) की व्यावसायिक खेप यूरोप के देश ऑस्ट्रिया भेजी गई है। यह उपलब्धि भारतीय पोल्ट्री उद्योग और कृषि निर्यात क्षेत्र के लिए नए अवसर लेकर आई है। इस निर्यात को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से पूरा किया गया। यह पहल दर्शाती है कि भारत अब केवल पारंपरिक कृषि उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैल्यू एडेड फूड प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निर्यात भारतीय किसानों, खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों और निर्यातकों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे।

बालांगीर की आधुनिक यूनिट बनी सफलता की मिसाल
इस उपलब्धि के पीछे ओडिशा के बालांगीर में स्थापित आधुनिक अंडा प्रसंस्करण इकाई की बड़ी भूमिका रही। APEDA से पंजीकृत कंपनी OVO Farm Private Limited ने वर्ष 2025 में यहां अत्याधुनिक तकनीक से लैस उत्पादन इकाई स्थापित की थी। यह यूनिट अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार की गई है। यहां उत्पादित सूखे अंडे के उत्पाद यूरोपीय संघ की स्वच्छता आवश्यकताओं और वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं। कंपनी की यह यूनिट FSSC 22000 Version 6 प्रमाणन प्राप्त कर चुकी है। इसके साथ ही इसे हलाल और कोषेर जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र भी मिले हैं। ये प्रमाणन वैश्विक ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को मजबूत करते हैं।

क्या होता है सूखा साबुत अंडा पाउडर और कैसे बनता है
सूखा साबुत अंडा पाउडर (Whole Egg Powder) एक ऐसा उत्पाद है जिसे ताजे अंडों को आधुनिक स्प्रे-ड्राइंग तकनीक के जरिए तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में अंडों की नमी हटाकर उन्हें पाउडर के रूप में परिवर्तित किया जाता है, जबकि उनके पोषण तत्वों को सुरक्षित रखा जाता है। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे उत्पाद लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और उसके परिवहन में भी आसानी होती है। अंडा पाउडर में प्रोटीन, आवश्यक विटामिन और अन्य पोषक तत्व लंबे समय तक संरक्षित रहते हैं। यही कारण है कि इसकी मांग वैश्विक बाजार में लगातार बढ़ रही है।

खाद्य उद्योग से लेकर फार्मा सेक्टर तक बढ़ रहा उपयोग
सूखा अंडा पाउडर आज कई उद्योगों की महत्वपूर्ण जरूरत बन चुका है। इसका उपयोग खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, बेकरी उत्पादों, मिठाई निर्माण और कुछ फार्मास्युटिकल उत्पादों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। बेकरी कंपनियां इसे केक, कुकीज और अन्य उत्पादों में इस्तेमाल करती हैं क्योंकि इससे गुणवत्ता और स्थिरता बनाए रखना आसान होता है। इसके अलावा बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाली कंपनियों के लिए यह उत्पाद लागत और लॉजिस्टिक्स दोनों स्तरों पर सुविधाजनक माना जाता है। क्वालिटी बनाए रखने के लिए इस उत्पाद को कई चरणों की जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी विश्वसनीयता बनी रहे।

22.6 मीट्रिक टन की पहली खेप ने बनाया नया रिकॉर्ड
ऑस्ट्रिया के लिए रवाना की गई सूखे अंडे के पाउडर की पहली व्यावसायिक खेप 22.6 मीट्रिक टन की रही। इस खेप को APEDA के अध्यक्ष अभिषेक देव (आईएएस) ने वर्चुअल माध्यम से रवाना किया। इस अवसर पर ओडिशा सरकार के मत्स्य और पशु संसाधन विकास विभाग के अधिकारी, बालांगीर जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, निर्यातक कंपनी के अधिकारी तथा अन्य हितधारक मौजूद रहे।
यह आयोजन केवल एक निर्यात कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारतीय कृषि प्रसंस्करण उद्योग की वैश्विक क्षमता को प्रदर्शित करने का प्रतीक भी बना।

वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों के लिए खुलेंगे नए रास्ते
भारत से अंडा पाउडर के इस निर्यात को भविष्य की बड़ी संभावनाओं के रूप में देखा जा रहा है। यदि भारतीय कंपनियां इसी तरह गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखती हैं, तो आने वाले वर्षों में यूरोप समेत कई देशों में भारतीय खाद्य उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ सकती है।
यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और कृषि निर्यात बढ़ाने के राष्ट्रीय प्रयासों को भी मजबूती देती है। साथ ही इससे पोल्ट्री उद्योग, ग्रामीण रोजगार और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, ओडिशा के बालांगीर से ऑस्ट्रिया तक पहुंची यह पहली खेप केवल एक निर्यात नहीं बल्कि भारतीय कृषि और खाद्य उद्योग की वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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