https://omg10.com/4/11146156 एनटीएचए के खिलाड़ियों ने रचा इतिहास: अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 में स्वर्ण जीतने पर टाटा स्टील ने किया सम्मानित
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एनटीएचए के खिलाड़ियों ने रचा इतिहास: अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 में स्वर्ण जीतने पर टाटा स्टील ने किया सम्मानित

Jamshedpur News: जमशेदपुर की खेल संस्कृति और युवा प्रतिभाओं की सफलता को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। टाटा स्टील ने नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) के दो उभरते खिलाड़ियों आशीष तानी पूर्ति और प्रेमचंद सोय को सम्मानित किया, जिन्होंने भारतीय टीम का हिस्सा बनकर 2026 मेंस अंडर-18 हॉकी एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह सम्मान समारोह नवल टाटा हॉकी अकादमी, जमशेदपुर में आयोजित किया गया, जहां खेल अधिकारियों, कोचों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों की उपस्थिति रही।

एशिया कप में भारत की ऐतिहासिक जीत

भारत ने जापान के काकामिगाहारा में आयोजित 2026 मेंस अंडर-18 हॉकी एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन तालमेल, अनुशासन और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान जापान को 4–1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत की खास बात यह रही कि भारत ने पूरे दस वर्षों बाद अंडर-18 एशिया कप का खिताब दोबारा हासिल किया। इस उपलब्धि ने भारतीय जूनियर हॉकी के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं।

एनटीएचए के दो सितारों ने बढ़ाया देश का मान

इस ऐतिहासिक जीत में नवल टाटा हॉकी अकादमी के दो खिलाड़ियों आशीष तानी पूर्ति और प्रेमचंद सोय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। झारखंड के डिफेंडर आशीष तानी पूर्ति पूरे टूर्नामेंट में सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने न केवल रक्षात्मक जिम्मेदारियां बखूबी निभाईं बल्कि टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बनकर अपनी विशेष पहचान बनाई। वहीं प्रेमचंद सोय ने मिडफील्ड में अपनी रणनीतिक समझ, संयमित खेल और शानदार नियंत्रण से भारतीय टीम को मजबूती प्रदान की। उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

टाटा स्टील ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

इन दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए टाटा स्टील ने विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया। समारोह में खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और देश के लिए हासिल की गई सफलता पर सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक नहीं था बल्कि उन सभी लोगों के प्रयासों की भी पहचान थी जिन्होंने खिलाड़ियों के विकास में योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने खिलाड़ियों की सफलता पर गर्व व्यक्त किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

खेल विकास के प्रति टाटा स्टील की प्रतिबद्धता

इस अवसर पर टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट सर्विसेज डी. बी. सुंदरा रामम ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जमशेदपुर की मजबूत खेल संस्कृति और निरंतर प्रशिक्षण प्रणाली का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे कोच, प्रशिक्षण स्टाफ और सहयोगी कर्मियों का समर्पण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। टाटा स्टील वर्षों से खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए विभिन्न अकादमियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है।

नवल टाटा हॉकी अकादमी की प्रतिभा विकास प्रणाली बनी मिसाल

नवल टाटा हॉकी अकादमी लंबे समय से देश को प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ी देने का काम कर रही है। यहां खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, फिटनेस कार्यक्रम और प्रतियोगी वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। आशीष और प्रेमचंद की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि खिलाड़ियों को सही दिशा और संसाधन मिलें तो वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। एनटीएचए का उद्देश्य केवल खिलाड़ी तैयार करना नहीं बल्कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना भी है।

कोच और सहयोगी स्टाफ के योगदान को भी मिली सराहना

इस अवसर पर उन कोचों और सहयोगी कर्मियों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया जिन्होंने खिलाड़ियों के विकास और सफलता की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी खिलाड़ी की सफलता केवल व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम नहीं होती बल्कि उसके पीछे पूरी प्रशिक्षण व्यवस्था, अनुशासन और मार्गदर्शन का योगदान होता है।

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