साहिबगंज: ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सही मार्गदर्शन की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई है। साहिबगंज जिले के स्थित नवनिर्मित फूलो-झानो पुस्तकालय सह अध्ययन केंद्र में हाल ही में एक भव्य जागरूकता, नशा मुक्ति एवं करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों को उनके भविष्य के प्रति जागरूक करना था, बल्कि समाज को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना भी था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आयुष विभाग, में पदस्थापित चिकित्सक डॉ. सुजीत कुमार चौहान उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अनुभवों से युवाओं को प्रेरित किया।
बदलते दौर में अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को बताया
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. सुजीत कुमार चौहान ने उपस्थित बच्चों, युवाओं और उनके अभिभावकों को संबोधित किया। उन्होंने आज के बदलते दौर में अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. चौहान ने कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है, इसलिए युवाओं को अपने खान-पान और दिनचर्या के प्रति बेहद सतर्क रहना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने समाज में पैर पसार रही नशाखोरी की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए उन्होंने अपील की कि वे किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रहें। डॉ. चौहान ने जोर देकर कहा कि नशा न केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि उसके करियर, परिवार और पूरे समाज को गर्त में धकेल देता है। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने का आग्रह किया।
चिकित्सा व अन्य क्षेत्रों में भविष्य की अपार संभावनाएं
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण करियर काउंसलिंग सत्र रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर मार्गदर्शन की कमी के कारण प्रतिभावान छात्र भी सही दिशा नहीं चुन पाते। इस समस्या को दूर करते हुए डॉ. सुजीत कुमार चौहान ने चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिविल सर्विसेज और अन्य उभरते हुए क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
लाइब्रेरी मैन ने विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र से रूबरू कराया
लाइब्रेरी मैन कच्छप ने विद्यार्थियों को किसी के दबाव में आए बिना, अपनी रुचि और अपनी क्षमता के अनुसार ही विषयों का चयन करना चाहिए। जब आप अपनी पसंद का क्षेत्र चुनते हैं, तो काम बोझ नहीं लगता। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए बिना रुके निरंतर प्रयास करते रहें। इस सत्र से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें अपने भविष्य को लेकर एक स्पष्ट विजन मिला।
चित्रकला सत्र व क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया
फूलो-झानो पुस्तकालय में आयोजित यह कार्यक्रम केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे बच्चों और युवाओं के लिए बहुत व्यावहारिक और मनोरंजक बनाया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न आयु वर्ग के लिए अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया नन्हे-मुन्ने बच्चों की रचनात्मकता को निखारने के लिए एक चित्रकला सत्र रखा गया, जिसमें बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से कागज पर उतारा। युवाओं के लिए क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया इसमें स्थानीय युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में अध्ययन संस्कृति को मजबूत करने पर मंथन
इस विशेष अवसर पर फूलो-झानो पुस्तकालय के सुचारू संचालन और क्षेत्र में एक मजबूत अध्ययन संस्कृति विकसित करने को लेकर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षकों और शिक्षाविदों ने पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और अधिक से अधिक युवाओं को इससे के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किये। वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तकालय केवल किताबों को रखने की जगह नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए एक ज्ञान केंद्र और प्रेरणा स्रोत बनना चाहिए। डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था, नियमित रूप से मॉक टेस्ट का आयोजन और साप्ताहिक ग्रुप डिस्कशन जैसी गतिविधियों को शुरू करने की बात भी कही गई ताकि पढ़ने वाले छात्र प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए खुद को तैयार कर सकें।
शिक्षा व खेल सामग्री का वितरण किया गया
कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्य वक्ता डॉ. सुजीत कुमार चौहान ने पुस्तकालय के बच्चों और युवाओं की सुविधा के लिए अपनी ओर से पाठ्य सामग्री और खेल सामग्री प्रदान की। स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और अभिभावकों ने इस पूरे कार्यक्रम और डॉ. चौहान की इस अनूठी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। उपस्थित लोगों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे आयोजनों की बेहद आवश्यकता है। यह पहल निश्चित रूप से उन विद्यार्थियों को नई दिशा और हौसला देगी जो संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय शिक्षकों और समाजसेवियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर मुख्य रूप से शिक्षक कुजूर, नारायण कुजूर, प्रदीप टोप्पो सहित बहुत संख्या में स्थानीय छात्र-छात्राएं, युवा वर्ग और जागरूक अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर पुस्तकालय प्रबंधन समिति और पूरे पुस्तकालय परिवार की ओर से डॉ. सुजीत कुमार चौहान के प्रति उनकी गरिमामयी उपस्थिति और बहुमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया।
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