Jamshedpur news : झारखंड के होमगार्ड जवानों के लंबे समय से रुके हुए वेतन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रांची पहुंचा। मोर्चा के नेताओं ने होमगार्ड जवानों की समस्याओं को सीधे सरकार के समक्ष उठाने का फैसला किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन-प्रशासन के स्तर पर बैठी उदासीनता को दूर करना और उन जवानों को न्याय दिलाना है, जो दिन-रात कानून व्यवस्था और सुरक्षा में अपना योगदान देते हैं, लेकिन खुद अपने हक के लिए तरस रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से मुलाकात कर इस गंभीर समस्या से उन्हें अवगत कराया।
कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष राजा कालिंदी के नेतृत्व में रांची में मुलाकात
इस महत्वपूर्ण दौरे और मुलाकात का नेतृत्व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष राजा कालिंदी ने किया। उनके साथ क्षेत्र के कई अन्य सक्रिय सदस्य और जवानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। राजा कालिंदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कोल्हान प्रमंडल में कार्यरत होमगार्ड जवानों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मोर्चा के नेताओं ने मंत्री को बताया कि अग्रिम पंक्ति के इन सुरक्षाकर्मियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे जवानों के बीच गहरा असंतोष और निराशा का माहौल व्याप्त है।
जमशेदपुर सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र में 3 महीने से वेतन लंबित
प्रतिनिधित्व कर रहे नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष और जमीनी हकीकत को रखते हुए बताया कि जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) सहित पूरे कोल्हान प्रमंडल और आस-पास के क्षेत्रों में होमगार्ड जवानों का मासिक वेतन पिछले तीन महीनों से पूरी तरह लंबित है। जवानों को मार्च, अप्रैल और मई जैसे महत्वपूर्ण महीनों का अब तक नहीं मिल पाया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, वीआईपी सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा में तैनात इन जवानों को समय पर मानदेय न मिलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर चिंता जताई कि कोल्हान जैसे औद्योगिक और संवेदनशील क्षेत्र में ऐसी लापरवाही जवानों के मनोबल को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है।
आर्थिक तंगी व मानसिक परेशानी से जूझ रहे जवानों के परिवार
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को सौंपे गए आधिकारिक मांग पत्र में प्रतिनिधिमंडल ने होमगार्ड जवानों के परिवारों की मर्मस्पर्शी स्थिति का विस्तार से उल्लेख किया है। मांग पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पिछले कई महीनों से वेतन की एक भी किश्त नहीं मिलने के कारण ये जवान भयंकर आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। दैनिक जरूरतों की वस्तुएं, बच्चों की स्कूल फीस, बुजुर्ग माता-पिता की दवाइयां और मकान का किराया देना अब उनके लिए असंभव होता जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई जवानों के परिवारों के समक्ष सीधे तौर पर जीविका और भुखमरी का संकट हो गया है। लगातार बढ़ती आर्थिक तंगी के कारण जवान भारी मानसिक तनाव और परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य मंत्री से त्वरित हस्तक्षेप व विभागीय निर्देश जारी करने का आग्रह
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से इस बेहद संवेदनशील मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि वे राज्य कैबिनेट के एक वरिष्ठ सदस्य होने के नाते इस विषय को संबंधित गृह विभाग और वित्त विभाग के समक्ष मजबूती से उठाएं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित अधिकारियों को अविलंब निर्देश जारी किए जाएं ताकि बजटीय या प्रशासनिक बाधाओं को दूर करके जवानों का पिछले तीन महीने का पूरा बकाया वेतन एकमुश्त उनके खातों में ट्रांसफर किया जा सके। मुलाकात के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस मामले को लेकर गंभीर हैं और जल्द ही उचित विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।
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