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घाटशिला के मऊभंडार गांधी मैदान में क्राफ्ट मेले का शुभारंभ, स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को मिला नया मंचमऊभंडार के गांधी

Ghatshila News: घाटशिला के मऊभंडार स्थित गांधी मैदान में आयोजित क्राफ्ट मेले का विधिवत शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन आईसीसी वर्कर्स यूनियन के महासचिव श्री ओम प्रकाश जी, झामुमो के वरिष्ठ नेता देवी मुखर्जी एवं विधायक द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, कारीगर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मेले के शुभारंभ के साथ ही पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। रंग-बिरंगी सजावट, पारंपरिक कलाकृतियों की प्रदर्शनी तथा स्थानीय उत्पादों की विविधता ने लोगों को आकर्षित किया। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय कला, हस्तशिल्प और छोटे उद्यमों को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें बाजार उपलब्ध कराना बताया गया।

हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों का किया गया अवलोकन

उद्घाटन के बाद अतिथियों ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया और वहां प्रदर्शित हस्तनिर्मित वस्तुओं एवं स्थानीय उत्पादों का अवलोकन किया। मेले में स्थानीय शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, पारंपरिक कलाकृतियां तथा क्षेत्रीय पहचान से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इस दौरान अतिथियों ने कारीगरों से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली और उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों में न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान झलकती है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने भी इस अवसर पर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि ऐसे आयोजनों से उन्हें अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।

स्थानीय कलाकारों और उद्यमियों के लिए सशक्त मंच

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया कि क्राफ्ट मेले जैसे आयोजन स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों एवं छोटे उद्यमियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। ऐसे मंच प्रतिभा को पहचान दिलाने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराते हैं। आज के समय में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जब स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं को बाजार मिलता है, तब न केवल कारीगरों की आय बढ़ती है बल्कि नई पीढ़ी भी पारंपरिक कला और शिल्प से जुड़ने के लिए प्रेरित होती है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों से स्थानीय उत्पादों के उपयोग और क्षेत्रीय उद्यमों को समर्थन देने की अपील भी की गई।

आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

क्राफ्ट मेले का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय कला और संस्कृति को संरक्षित करना भी है। बदलते समय में पारंपरिक हस्तशिल्प और लोककला को बचाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। मेले के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ-साथ उन्हें ग्राहकों से सीधे जुड़ने का मंच मिलता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ उनकी कला को नई पहचान भी मिलती है। विशेष रूप से ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों के कलाकारों के लिए यह मंच आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे स्थानीय उत्पादन, रोजगार और सामाजिक विकास को भी गति मिलती है।

सफल आयोजन के लिए आयोजकों और प्रतिभागियों को दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति, प्रतिभागियों एवं सभी कारीगर भाइयों-बहनों को सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। कहा गया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।उपस्थित लोगों ने भी मेले की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे और आयोजन करने की अपेक्षा जताई। मेले को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने स्टॉलों का भ्रमण कर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी भी की।




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