Jamshedpur News : पोटका विधायक संजीव सरदार ने गुरुवार को डुमरिया प्रखंड के कांटाशोल स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, आवासीय और आधारभूत व्यवस्थाओं का व्यापक जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास, किचन, शौचालय, विद्यालय परिसर और निर्माणाधीन भवनों का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। विधायक ने स्पष्ट कहा कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
एकलव्य विद्यालय पहुंचे विधायक, व्यवस्थाओं का लिया विस्तृत जायजा
गुरुवार को विधायक संजीव सरदार के विद्यालय पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद विधायक ने बिना औपचारिकता के सीधे विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण शुरू किया। उन्होंने छात्रावास में जाकर विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था, कमरों की स्थिति, स्वच्छता, पेयजल उपलब्धता और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि विद्यार्थियों को दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। विधायक ने विद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में जाकर स्थिति का आकलन किया और संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों की सफलता केवल शैक्षणिक परिणामों से नहीं बल्कि विद्यार्थियों को मिलने वाली समग्र सुविधाओं से भी तय होती है।
छात्रावास, किचन और शौचालय की व्यवस्था में मिली कमियां, तत्काल सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान विधायक ने छात्रावास के साथ-साथ विद्यालय के किचन और शौचालयों का भी निरीक्षण किया। इसी दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं जिन पर उन्होंने गंभीर चिंता जताई। जानकारी के अनुसार भोजन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ अवसरों पर निर्धारित मेनू के अनुरूप भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। इसे गंभीर विषय मानते हुए विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को निर्धारित गुणवत्ता और मात्रा के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा विद्यालय के कुछ बाथरूमों में नल खराब पाए गए। कई स्थानों पर पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। इस पर विधायक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य को निर्देश दिया कि सभी खराब नलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में रहने वाले बच्चों को रोजमर्रा की छोटी समस्याओं से जूझना नहीं पड़ना चाहिए और प्रशासन को समय-समय पर निगरानी करनी चाहिए।
विद्यार्थियों से सीधा संवाद, समस्याएं सुनकर समाधान का भरोसा
निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यार्थियों के साथ विधायक का संवाद रहा। उन्होंने छात्र-छात्राओं के बीच बैठकर उनसे पढ़ाई, भोजन, पानी, छात्रावास और अन्य सुविधाओं को लेकर बातचीत की। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं साझा कीं। विधायक ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर वे उसे छुपाएं नहीं बल्कि विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों या सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाएं। संजीव सरदार ने कहा कि राज्य और देश का भविष्य इन बच्चों से जुड़ा हुआ है, इसलिए उन्हें बेहतर वातावरण और सुविधाएं देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की भी सलाह दी।
कर्मचारियों के मानदेय भुगतान का मुद्दा उठा, डीडीसी से की सीधी बातचीत
विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों ने भी अपनी कुछ समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं। इनमें प्रमुख रूप से मानदेय भुगतान से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। विधायक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही पूर्वी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से दूरभाष पर संपर्क किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कर्मचारियों के लंबित भुगतान और अन्य प्रशासनिक मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था केवल भवन और संसाधनों से नहीं बल्कि वहां कार्यरत कर्मचारियों की संतुष्टि और सक्रिय भूमिका से भी जुड़ी होती है। यदि कर्मचारियों को समय पर मानदेय और आवश्यक सहयोग मिलेगा तो उसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों की शिक्षा और विद्यालय संचालन पर दिखाई देगा।
निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण, बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान विधायक ने विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन भवनों और अन्य विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और संबंधित एजेंसियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक और व्यवस्थित शैक्षणिक परिसर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्यालयों में केवल कक्षाओं का निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रयोगशाला, छात्रावास, भोजनालय, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित वातावरण जैसी सुविधाएं भी समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं से समझौता नहीं, नियमित निगरानी के दिए निर्देश
निरीक्षण के अंत में विधायक संजीव सरदार ने विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है बल्कि यहां रहने वाले बच्चों के संपूर्ण विकास को सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। इसके लिए नियमित निरीक्षण, जवाबदेही और समय पर समस्याओं के समाधान की व्यवस्था होनी चाहिए। विधायक ने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार किया जाए जहां वे सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मिर्जा सोरेन, सचिव जयपाल सिंह मुर्मू, भगत बास्के, भगत हांसदा, अर्जुन मुर्मू, रामदास हेंब्रम, काजमान सिंह सरदार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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