पोटका में मलेरिया को लेकर बढ़ी चिंता, विधायक ने संभाला मोर्चा
Potka News: पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड में मलेरिया के बढ़ते मामलों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रहे संक्रमित मरीजों और बीमारी से हुई मौतों को गंभीरता से लेते हुए पोटका विधायक संजीव सरदार ने शनिवार को स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा के लिए सक्रिय पहल की। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचकर वहां भर्ती मरीजों की स्थिति का जायजा लिया और स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से राहत एवं नियंत्रण कार्य तेज करने का निर्देश दिया। विधायक ने स्पष्ट किया कि किसी भी हाल में बीमारी को फैलने नहीं दिया जाएगा और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना होगा। उन्होंने अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
सीएचसी पहुंचकर मरीजों से मिले, स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान विधायक संजीव सरदार ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं, जांच व्यवस्था और मरीजों के इलाज की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि मलेरिया से प्रभावित मरीजों को समय पर उपचार मिले और किसी प्रकार की लापरवाही न हो। अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत करते हुए उन्होंने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने को कहा कि जांच रिपोर्ट और दवाओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं रहे। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि गांव स्तर तक सक्रिय अभियान चलाया जाए।
प्रभावित गांवों का दौरा, मृतक परिवार से मिलकर जताई संवेदना
सीएचसी निरीक्षण के बाद विधायक प्रभावित गांवों की ओर रवाना हुए और वहां जाकर स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सानग्राम गांव का दौरा किया, जहां ब्रेन मलेरिया से एक ग्रामीण लखी सरदार की मृत्यु हो गई थी। विधायक ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और हरसंभव प्रशासनिक एवं मानवीय सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद दुखद हैं और इन्हें रोकने के लिए समय रहते व्यापक स्तर पर कार्रवाई जरूरी है। गांवों में मौजूद लोगों ने भी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अपनी चिंताएं विधायक के सामने रखीं, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।
आपात बैठक में स्वास्थ्य विभाग को दिए सख्त निर्देश
दौरे के बाद विधायक ने स्वास्थ्य विभाग के प्रदेश, जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की। बैठक में मलेरिया नियंत्रण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और तत्काल प्रभाव से कई निर्देश जारी किए गए।विधायक ने प्रभावित गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने, लोगों की जांच करने और संक्रमित मरीजों को दवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडीटी पाउडर का बड़े पैमाने पर छिड़काव शुरू करने के निर्देश दिए ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मी लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ शोकॉज नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए।
मच्छरदानी वितरण और जनजागरूकता अभियान पर विशेष जोर
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रभावित गांवों में बचाव कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए जाएंगे। विधायक ने अन्य प्रखंडों से अतिरिक्त एमपीडब्ल्यू (मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर) की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया। साथ ही टाटा स्टील के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरदानी वितरण कराने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि बीमारी से लड़ाई केवल दवा से नहीं बल्कि जागरूकता से भी जीती जा सकती है। इसके लिए गांव-गांव जाकर लोगों को मलेरिया के लक्षण, बचाव के तरीके और समय पर जांच कराने के प्रति जागरूक किया जाए।
मलेरिया मुक्त पोटका के लिए समन्वित अभियान चलाने की अपील
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि पोटका प्रखंड के कुछ क्षेत्र अब मलेरिया प्रभावित जोन के रूप में सामने आ रहे हैं। ऐसे इलाकों की पहचान कर स्वास्थ्य विभाग को अन्य विभागों के सहयोग से समन्वित अभियान चलाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल मरीजों का इलाज करना नहीं बल्कि बीमारी की रोकथाम करना भी है। स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे गांवों में नियमित निगरानी रखें, संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच करें और जरूरत पड़ने पर त्वरित उपचार सुनिश्चित करें। बैठक में प्रदेश वीबीडी सलाहकार विनय कुमार, राज्य मलेरिया निरीक्षक अनिल कुमार, जयंत, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि अखिलेश, जिला मलेरिया पदाधिकारी मृतुन्जय धावड़िया, सीएचसी प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़, पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
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