https://omg10.com/4/11146156 वीर शहीद गणेश हांसदा का 6वां शहादत दिवस: गलवान के वीर सपूत को ग्रामीणों, विद्यार्थियों और सामाजिक संस्थाओं ने दी श्रद्धांजलि
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वीर शहीद गणेश हांसदा का 6वां शहादत दिवस: गलवान के वीर सपूत को ग्रामीणों, विद्यार्थियों और सामाजिक संस्थाओं ने दी श्रद्धांजलि

शहीद ग्राम कोसाफलिया में भावपूर्ण माहौल के बीच दी गई श्रद्धांजलि

Jamshedpur News: बहरागोड़ा प्रखंड के शहीद ग्राम कोसाफलिया में वीर शहीद गणेश हांसदा के छठे शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और परिजनों ने एकत्र होकर झारखंड के वीर सपूत को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने शहीद के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को समाज और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। स्मारक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं ने भाग लिया और वीर शहीद गणेश हांसदा के जीवन संघर्ष तथा राष्ट्रसेवा के संदेश को आत्मसात करने की बात कही।

गलवान घाटी में देश रक्षा करते हुए दिया सर्वोच्च बलिदान


वीर शहीद गणेश हांसदा ने मात्र 20 वर्ष की युवा अवस्था में जून 2020 में गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ संघर्ष के दौरान देश की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की थी। उनकी शहादत आज भी पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बनी हुई है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इतनी कम उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देना असाधारण साहस और समर्पण का उदाहरण है। शहीद गणेश हांसदा ने यह साबित किया कि देशभक्ति केवल शब्द नहीं बल्कि कर्म और त्याग से सिद्ध होती है। उनकी वीरता की कहानी आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती रहेगी।

परिजनों और सामाजिक संस्थाओं ने प्रतिमा पर किया माल्यार्पण


बांसदा चौक स्थित शहीद गणेश हांसदा की प्रतिमा पर उनके माता-पिता कापरा हांसदा एवं सुगदा हांसदा, बड़े भाई दिनेश हांसदा सहित अन्य लोगों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। वीर शहीद की स्मृति में संचालित फेलोशिप कार्यक्रम से जुड़े बच्चों और सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि दी। संस्थापक तरुण कुमार, वैद्यनाथ हांसदा तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों की कहानियां समाज में प्रेरणा का कार्य करती हैं और इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।

पुस्तकालय और छात्रावास में विद्यार्थियों ने याद किया वीर सपूत


शहादत दिवस के अवसर पर भंडारशोल स्थित वीर शहीद गणेश हांसदा पुस्तकालय और करनडीह, जमशेदपुर स्थित लाल बहादुर मेमोरियल कॉलेज आदिवासी छात्रावास में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां विद्यार्थियों ने वीर शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कहा कि शहीद गणेश हांसदा का जीवन यह संदेश देता है कि व्यक्ति को अपने कार्यों के माध्यम से देश का सम्मान बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक योगदान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।

वीर शहीद गणेश हांसदा फेलोशिप बना प्रेरणा का माध्यम


वीर शहीद की स्मृति में शुरू किया गया “वीर शहीद गणेश हांसदा फेलोशिप” लगातार ग्रामीण बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इस पहल के तहत अब तक चार बैच के कुल 22 विद्यार्थी मैट्रिक से लेकर स्नातक स्तर तक की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। फेलोशिप के पहले बैच के विद्यार्थी अब स्नातक के अंतिम वर्ष में पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि अधिक से अधिक ग्रामीण बच्चों को इससे जोड़ने के उद्देश्य से अगले महीने फेलोशिप का पांचवां संस्करण शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षा के साथ नेतृत्व, जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करना है।

शहीद संवाद और कॉमिक्स के माध्यम से पहुंचेगी प्रेरक कहानी


शहीद आवास पर आयोजित चर्चा सत्र के दौरान वीर शहीद गणेश हांसदा के जीवन पर आधारित कॉमिक्स का पहला ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया। आयोजकों ने बताया कि जल्द ही बच्चों को यह कहानी कॉमिक्स के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे सरल और रोचक तरीके से शहीद के जीवन को समझ सकें। इसके साथ ही “वीर शहीद संवाद” कार्यक्रम शुरू करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इस पहल के तहत विद्यार्थियों और युवाओं को शहीद के जीवन, संघर्ष और देशभक्ति की भावना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। शहीद के बड़े भाई दिनेश हांसदा ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं के निरंतर प्रयास से वीर सपूतों की प्रेरणादायक कहानियां जन-जन तक पहुंच रही हैं और इससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

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