Jamshedpur News: सेवा समर्पण संस्था ने को अपना 6वां स्थापना दिवस सामाजिक सरोकार और मानव सेवा की भावना के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्था की ओर से डिमना स्थित वृद्धाश्रम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वहां निवास कर रही बुजुर्ग माताओं के साथ समय बिताकर उन्हें सम्मान और अपनापन देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्थापना दिवस मनाना नहीं था, बल्कि समाज के उन वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का संदेश देना भी था, जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा परिवार और समाज के लिए समर्पित किया है। संस्था के सदस्यों ने बुजुर्ग माताओं के साथ संवाद किया और उनके अनुभवों को सुना।
भोजन, फल वितरण और भजन-कीर्तन से बांटी खुशियां
स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था के सदस्यों ने वृद्धाश्रम में रहने वाली बुजुर्ग माताओं के बीच भोजन एवं फलों का वितरण किया। इसके साथ ही भजन-कीर्तन का आयोजन कर पूरे वातावरण को आत्मीय और भावनात्मक बना दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग माताओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और संस्था के सदस्यों के साथ समय बिताया। भक्ति संगीत और सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। संस्था के सदस्यों का मानना था कि बुजुर्गों को केवल भौतिक सहयोग ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सहारा और अपनापन देना भी उतना ही आवश्यक है।
मुख्य अतिथि ने सराहा संस्था का सामाजिक योगदान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जुगसलाई विधायक ने सेवा समर्पण संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्ग माताओं से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों के प्रति कितना संवेदनशील और जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करना और उनके जीवन को गरिमापूर्ण बनाने के लिए कार्य करना प्रत्येक व्यक्ति और संस्था की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने संस्था के प्रयासों को प्रेरणादायक बताया।
संस्था ने बुजुर्गों के सम्मान को बताया सामाजिक जिम्मेदारी
सेवा समर्पण संस्था के अध्यक्ष बिभूति भूषण जेना के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता समाज को मजबूत और मानवीय बनाती है। संस्था ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच बुजुर्गों को समय देना, उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं को समझना अत्यंत आवश्यक है। संस्था का मानना है कि सामाजिक बदलाव केवल बड़े अभियानों से नहीं बल्कि ऐसे छोटे लेकिन प्रभावशाली प्रयासों से भी संभव होता है।
आयोजन को सफल बनाने में सदस्यों की रही सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। अध्यक्ष बिभूति भूषण जेना के नेतृत्व में कुमुद शर्मा, मनीषा शर्मा, नंदिता जी, संध्या शर्मा, सूरज पात्रो, श्रवण पांडेय, विवेक, मुकेश, आकाश, श्रवण, साहिल, शिवम एवं अंकित सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन की जिम्मेदारियों को निभाया। सदस्यों ने कार्यक्रम की तैयारी से लेकर बुजुर्गों के साथ संवाद और सेवा कार्यों तक सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। सभी ने मिलकर यह प्रयास किया कि स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन न होकर समाज के लिए प्रेरणा का माध्यम बने।
समाज सेवा और जनकल्याण के संकल्प को दोहराया
अपने 6वें स्थापना दिवस के अवसर पर सेवा समर्पण संस्था ने भविष्य में भी समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। संस्था ने कहा कि वह आगे भी जरूरतमंदों, बुजुर्गों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए विभिन्न सेवा कार्य संचालित करती रहेगी। कार्यक्रम के अंत में संस्था के सदस्यों ने यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए। बुजुर्गों के सम्मान, सेवा और सहयोग की भावना ही एक संवेदनशील और मजबूत समाज की पहचान है।
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