https://omg10.com/4/11146156 जमशेदपुर में कबीर साहेब का 629वां प्राकट्य महोत्सव धूमधाम से संपन्न, श्रद्धा और भक्ति से गूंजा कबीर आश्रम
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जमशेदपुर में कबीर साहेब का 629वां प्राकट्य महोत्सव धूमधाम से संपन्न, श्रद्धा और भक्ति से गूंजा कबीर आश्रम

Jamshedpur News: जमशेदपुर के परसुडीह स्थित शंकरपुर कबीर आश्रम में रविवार को कबीर साहेब का 629वां प्राकट्य महोत्सव पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित एक दिवसीय धार्मिक समागम में लौहनगरी समेत आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संत, महंत, सेवक और श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही आश्रम परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी और पूरा वातावरण कबीर साहेब के जयकारों तथा आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कबीर साहेब के विचारों और उनके सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना था। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ आयोजन में भाग लिया और धार्मिक वातावरण का अनुभव किया।

संध्या पाठ और गुरु पूजा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
धार्मिक महोत्सव की शुरुआत विधिवत संध्या पाठ और गुरु पूजा के साथ हुई। संतों और सेवकों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आश्रम परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालु पूरे समय भक्ति में लीन दिखाई दिए। इस दौरान संतों ने कबीर साहेब के जीवन और उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने समाज को सत्य, मानवता और समानता का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था।

संत अनुपम साहेब की भजन प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर
महोत्सव का मुख्य आकर्षण संत अनुपम साहेब द्वारा प्रस्तुत कबीर साहेब की साखियां और भजन रहे। उनकी मधुर वाणी और आध्यात्मिक प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कबीर साहेब की अमृतवाणी और जीवन दर्शन पर आधारित भजनों ने लोगों को गहरे आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ दिया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालु पूरे समय भजनों में डूबे नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। 

कबीर साहेब के विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक
कार्यक्रम के दौरान संतों और वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि कबीर साहेब केवल एक संत नहीं बल्कि समाज सुधारक भी थे। उन्होंने जाति-पांति, अंधविश्वास और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई थी। संतों ने कहा कि आज का आधुनिक समाज भी अनेक सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और ऐसे समय में कबीर साहेब के विचार लोगों को एकता, प्रेम और सद्भाव का मार्ग दिखा सकते हैं। उनके संदेश मानवता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाले हैं।

सामूहिक सत्संग, भव्य आरती और भंडारे के साथ हुआ समापन
देर शाम तक चले इस महोत्सव का समापन सामूहिक सत्संग और भव्य आरती के साथ हुआ। आरती के दौरान पूरा आश्रम आध्यात्मिक वातावरण से भर गया। इसके बाद आश्रम की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी संतों, भक्तों और आम नागरिकों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाने में ‘कबीर साहेब सेवा समिति’ के सदस्यों और आश्रम संचालक जय प्रकाश साहेब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति की ओर से आयोजन में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में दिनेश सिंह, बलराम दास आनंद, गुड्डू, बिट्टू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय भक्त उपस्थित रहे। वहीं महिला समिति की ओर से प्रेमा साहू, भावना साहू, लक्ष्मी साहू, पूर्णिमा साहू और कल्पना साहू की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही।

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