https://omg10.com/4/11146156 पूर्वी सिंहभूम में अवैध खनन पर सख्ती: 20 मामलों में कार्रवाई, 24 वाहन जब्त, मानसून में बालू उठाव पर पूर्ण प्रतिबंध
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पूर्वी सिंहभूम में अवैध खनन पर सख्ती: 20 मामलों में कार्रवाई, 24 वाहन जब्त, मानसून में बालू उठाव पर पूर्ण प्रतिबंध

अवैध खनन रोकने को जिला प्रशासन ने तेज किया अभियान

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई और तेज करने का निर्णय लिया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों को अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक, वन विभाग, खनन विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अवैध खनन को रोकने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर नियमित जांच अभियान चलाएं तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

20 मामलों में कार्रवाई, 906 टन अवैध खनिज जब्त


बैठक में जानकारी दी गई कि 18 मई 2026 से 14 जून 2026 तक जिले में विशेष अभियान चलाकर अवैध खनन के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 20 मामलों में कार्रवाई की गई और 906 टन अवैध खनिज जब्त किए गए। जब्त खनिजों में 812 टन बालू, 74 टन चिप्स तथा 20 टन लौह अयस्क शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को रोकने के लिए आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा।

24 वाहन जब्त, जुर्माना और प्राथमिकी दर्ज


खनन टास्क फोर्स की कार्रवाई के दौरान अवैध परिवहन में शामिल कुल 24 वाहनों को जब्त किया गया। इनमें 16 हाइवा, 5 ट्रैक्टर तथा 3 छोटे मालवाहक वाहन (407 श्रेणी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दो प्राथमिकी दर्ज की गईं तथा कुल 4.13 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। प्रशासन ने संकेत दिया कि आने वाले समय में ऐसे मामलों में और कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

बालू घाटों और परिवहन मार्गों पर विशेष निगरानी के निर्देश


उपायुक्त ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के बालू घाटों, खनन प्रभावित क्षेत्रों तथा प्रमुख परिवहन मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही ओवरलोडिंग के मामलों पर भी नियमित जांच अभियान चलाने को कहा गया। उन्होंने कहा कि अवैध खनन केवल राजस्व हानि का कारण नहीं बनता बल्कि पर्यावरण और सड़क सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

प्रदूषण नियंत्रण मानकों के पालन पर प्रशासन की नजर


बैठक में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, आदित्यपुर क्षेत्रीय कार्यालय की रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में दो क्रशर इकाइयों और दो ईंट भट्टों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुपालन की स्थिति का आकलन किया गया तथा आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पर्यावरणीय मानकों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मानसून अवधि में 15 अक्टूबर तक बालू उठाव रहेगा बंद


बैठक में यह जानकारी भी साझा की गई कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के अनुसार जिले के सभी बालू घाटों से मानसून अवधि के दौरान 10 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक बालू का उठाव पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और इस अवधि में अवैध बालू उत्खनन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैठक में वन, खनन, परिवहन, पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि विभिन्न अंचलों के अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

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