NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर भड़के झामुमो जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन, बोले-लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य पर हमला

NEET पेपर लीक ने लाखों छात्रों के सपनों को पहुंचाई ठेस

Jamshedpur News: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन ने नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटनाओं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्र वर्षों की कठिन मेहनत और समर्पण के साथ डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठने से देश के मेधावी छात्रों का मनोबल कमजोर हुआ है और उनके भविष्य पर अनिश्चितता का संकट खड़ा हो गया है।

जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया लोकतंत्र की हत्या

विक्टर सोरेन ने कहा कि जब छात्र अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तब उन पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। उनके अनुसार, भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। ऐसे में छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचाने जैसा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और समाधान का रास्ता अपनाया जाना चाहिए, न कि दमन और भय का।

केंद्र सरकार की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल

झामुमो जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि परीक्षा माफिया सक्रिय हैं और उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। विक्टर सोरेन ने कहा कि सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए असली दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय न्याय की मांग कर रहे छात्रों को निशाना बना रही है। उनका कहना था कि यदि समय रहते परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो युवाओं का विश्वास पूरी तरह समाप्त हो सकता है, जिसका असर देश की शिक्षा व्यवस्था और भविष्य पर पड़ेगा।

युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं

विक्टर सोरेन ने कहा कि देश का युवा वर्ग आज अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर पहले से अधिक जागरूक है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी और डंडों के बल पर दबाने का हर प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता और उनकी समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने छात्रों के समर्थन का किया ऐलान

झामुमो जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी देशभर के छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा हमेशा शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा है और आगे भी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने वाले छात्रों को अपराधी की तरह देखना उचित नहीं है।

ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज : विक्टर सोरेन

विक्टर सोरेन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जवाबदेही तय नहीं की, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा इस मुद्दे को और अधिक मजबूती से उठाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड सहित देशभर में युवाओं के समर्थन में आंदोलन को तेज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह छात्रों की भावनाओं का सम्मान करे, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करे और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करते हुए युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए।

Comments