विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी एकता मंच निकालेगा महारैली, संगठन का पुनर्गठन कर नई टीम का गठन

Jamshedpur News: जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र स्थित देवघर पंचायत भवन में रविवार को आदिवासी एकता मंच की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी विश्व आदिवासी दिवस के सफल आयोजन की तैयारी करना और संगठन को अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के लिए कमेटी का पुनर्गठन करना था। बैठक में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी सदस्यों ने एकमत होकर इस वर्ष भी विश्व आदिवासी दिवस को भव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाने का निर्णय लिया। बैठक के दौरान समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, इतिहास और अधिकारों को मजबूती से प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

विश्व आदिवासी दिवस पर निकलेगी भव्य महारैली

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जमशेदपुर में भव्य महारैली निकाली जाएगी। यह महारैली आदिवासी समाज की एकता, सांस्कृतिक अस्मिता, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश देगी। आयोजन समिति ने बताया कि रैली में समाज के विभिन्न समुदायों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। रैली के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, लोकगीत और सामाजिक एकजुटता का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की रक्षा तथा आदिवासी समाज के सामाजिक और शैक्षणिक विकास का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव और मोहल्लों में जनसंपर्क अभियान चलाने की भी योजना बनाई गई।

संगठन का पुनर्गठन, नई टीम को मिली जिम्मेदारी

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय आदिवासी एकता मंच की नई कार्यकारिणी का गठन रहा। सर्वसम्मति से संगठन का पुनर्गठन करते हुए दीपबंधु सिंह को अध्यक्ष बनाया गया। सुनील हेंब्रम और मंगल टुडू को संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं राजाराम मुर्मू को वरीय उपाध्यक्ष तथा जर्मन मार्डी, शगुन सोरेन और कन्हैया सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया। हरिपदो सिंह को सचिव और छोटू सोरेन को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई। संगठन की वित्तीय व्यवस्था के लिए शिवानी मार्डी को कोषाध्यक्ष तथा गुरुपोदो हेंब्रम को सहायक कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा विजय सोय, पप्पू किस्कू और जैकप किस्कू को सलाहकार बनाया गया। महिला मोर्चा की जिम्मेदारी सुनीता टुडू को सौंपी गई, जबकि संदीप सोरेन और सीमा कच्छप को मीडिया प्रभारी बनाया गया। सक्रिय सदस्यों के रूप में दिगंबर मुर्मू, घासीराम सिंह, सतीश सिंह और धनंजय को संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गईं।

जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का संकल्प 

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आदिवासी समाज की आवाज को प्रभावी बनाने के लिए संगठन को गांव और पंचायत स्तर तक मजबूत करना आवश्यक है। नई कार्यकारिणी को जिम्मेदारी दी गई कि वह अधिक से अधिक युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़े। सदस्यों ने कहा कि समाज की समस्याओं, अधिकारों और विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए एक संगठित और सक्रिय मंच की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, बैठकें और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन ने यह भी निर्णय लिया कि शिक्षा, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर भी नियमित रूप से अभियान चलाए जाएंगे, ताकि समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

एकता, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा का दिया गया संदेश

बैठक के समापन पर सभी सदस्यों ने आदिवासी समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि अपनी पहचान, इतिहास और अधिकारों को मजबूत करने का अवसर है। नई कार्यकारिणी के गठन से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और समाज के बीच इसकी पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। सभी पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से इस वर्ष की महारैली पहले से अधिक भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक होगी। साथ ही यह आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक गौरव की भावना को और मजबूत करेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं और अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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