डीसी से जर्जर सड़क की मरम्मत व आपदा पीड़ितों के लंबित मुआवजा मामलों के शीघ्र निष्पादन करने की मांग


Jamshedpur News: जनहित से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डिमना लेक मार्ग की जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मत, भारी वाहनों के संचालन पर नियंत्रण तथा जिले में विभिन्न आपदाओं में मृतक एवं प्रभावित परिवारों को लंबित अनुग्रह अनुदान (मुआवजा) राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। उपायुक्त ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।

डिमना लेक मार्ग की बदहाल सड़क बनी लोगों के लिए परेशानी


विश्वनाथ महतो ने उपायुक्त को बताया कि मिर्जाडीह तालाब से एमजीएम अस्पताल होते हुए डिमना लेक जाने वाली सड़क लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। लगातार बारिश के कारण सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। यह सड़क शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कई बार वाहन चालक संतुलन खो देते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं।


मजदूरों, विद्यार्थियों और मरीजों को हो रही भारी परेशानी


ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि इस मार्ग से प्रतिदिन मजदूर, विद्यार्थी, मरीज, स्थानीय नागरिक और कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारी गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। एमजीएम अस्पताल जाने वाले मरीजों और एंबुलेंस को भी कई बार जाम और खराब सड़क के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। विश्वनाथ महतो ने बताया कि सड़क की दुर्दशा केवल यातायात को प्रभावित नहीं कर रही, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सड़क की मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।


भारी वाहनों के कारण और बिगड़ रही सड़क की स्थिति


ज्ञापन में यह भी बताया गया कि डायमंड लाइन के भारी वाहनों का लगातार परिचालन सड़क की स्थिति को और खराब कर रहा है। ओवरलोड वाहनों के आवागमन से सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके कारण अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे स्कूली वाहन, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन भी प्रभावित होता है। विश्वनाथ महतो ने मांग की कि सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। इसके अलावा भारी वाहनों के प्रवेश पर आवश्यक नियंत्रण लगाया जाए, वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए तथा ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभागों को यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं।


आपदा पीड़ित परिवारों के लंबित मुआवजा मामलों को उठाया


सड़क की समस्या के अलावा समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने जिले में पिछले एक वर्ष के दौरान वज्रपात, जल दुर्घटना, सड़क दुर्घटना, जंगली हाथियों के हमले तथा अन्य प्राकृतिक एवं आकस्मिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को अब तक लंबित अनुग्रह अनुदान नहीं मिलने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कई पीड़ित परिवारों ने सभी आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं, इसके बावजूद उन्हें अब तक आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर पात्र परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे संकट की घड़ी से उबर सकें।


उपायुक्त ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश


ज्ञापन प्राप्त होने के बाद उपायुक्त ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डिमना लेक मार्ग की स्थिति का शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया जाए तथा सड़क के स्थायी समाधान के लिए भी योजना तैयार की जाए। साथ ही उन्होंने आपदा प्रबंधन एवं संबंधित विभागों को लंबित अनुग्रह अनुदान मामलों की समीक्षा कर पात्र लाभुकों को जल्द से जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि किसी भी पात्र परिवार को अनावश्यक रूप से सहायता से वंचित नहीं रखा जाएगा।


विश्वनाथ महतो ने जताई सकारात्मक पहल की उम्मीद


उपायुक्त से मुलाकात के बाद समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि प्रशासन द्वारा दोनों जनहित के मुद्दों पर त्वरित संज्ञान लेना स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि सड़क मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू होने से हजारों लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और लंबे समय से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे आपदा पीड़ित परिवारों को भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से ही जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव है। यदि सड़क मरम्मत और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है, तो यह प्रशासन की जनहित के प्रति संवेदनशीलता का एक सकारात्मक उदाहरण होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी आम जनता की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाते रहेंगे, ताकि विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को गति मिल सके।