जमशेदपुर में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग तेज, झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने जिला नियोजन पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

Jamshedpur News: स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दिलाने की मांग को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जिला नियोजन पदाधिकारी अजय कुमार से मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सचिव के पत्र के आलोक में सामाजिक सेवा संघ के अध्यक्ष एवं झामुमो नेता राजेश सामंत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जेमको कॉम्बी मिल और टिनप्लेट कंपनी में स्थानीय लोगों की उपेक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि दोनों कंपनियों द्वारा रोजगार देने में स्थानीय मजदूरों और ठेकेदारों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है।

स्थानीय मजदूरों और ठेकेदारों की अनदेखी का आरोप


प्रतिनिधिमंडल ने जिला नियोजन पदाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि जेमको कॉम्बी मिल और टिनप्लेट कंपनी में बड़ी संख्या में नियुक्तियां की गई हैं, लेकिन इनमें स्थानीय युवाओं को अपेक्षित अवसर नहीं मिला। साथ ही स्थानीय ठेकेदारों को भी कार्य आवंटित करने में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। झामुमो नेताओं का कहना है कि उद्योगों की स्थापना का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा तो बेरोजगारी की समस्या और गंभीर हो जाएगी। इसलिए उद्योगों को झारखंड सरकार की स्थानीय नियोजन नीति का पालन करते हुए क्षेत्र के योग्य युवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।


बिना एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज नियोजन पर उठाए सवाल


ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि दोनों कंपनियों में कई नियुक्तियां बिना एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज की प्रक्रिया अपनाए की गई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नियोजन की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रोजगार कार्यालय के माध्यम से नियुक्तियां होना आवश्यक है। यदि नियोजन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो इससे योग्य स्थानीय अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित होते हैं। झामुमो नेताओं ने जिला नियोजन पदाधिकारी से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


नियुक्त स्थानीय मजदूरों और वेंडरों की सूची सार्वजनिक करने की मांग


प्रतिनिधिमंडल ने जेमको कॉम्बी मिल और टिनप्लेट कंपनी से अब तक नियुक्त किए गए स्थानीय मजदूरों, कर्मचारियों और वेंडरों की सूची सार्वजनिक करने की मांग भी की। उनका कहना था कि सूची सार्वजनिक होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कंपनियों ने स्थानीय लोगों को कितना रोजगार दिया है और बाहरी लोगों की नियुक्ति कितनी हुई है। झामुमो नेताओं ने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कंपनियों को नियुक्ति संबंधी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि आम लोगों के बीच किसी प्रकार का भ्रम या विवाद उत्पन्न न हो।


जिला नियोजन पदाधिकारी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन


प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद जिला नियोजन पदाधिकारी अजय कुमार ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राप्त शिकायत की जांच कराई जाएगी और यदि नियोजन प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कंपनियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नियोजन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सभी संस्थानों की जिम्मेदारी है और स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा।


कई झामुमो नेता रहे मौजूद


जिला नियोजन पदाधिकारी से मुलाकात के दौरान झारखंड आंदोलनकारी नेता छोटे सरदार, जितेंद्र ठाकुर और सुधांशु कुमार भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। यदि कंपनियां स्थानीय लोगों की अनदेखी करती रहीं तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा। झामुमो नेताओं ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा और उद्योगों को स्थानीय नियोजन नीति का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेगा। उनका कहना है कि झारखंड के संसाधनों पर पहला अधिकार राज्य के लोगों का है और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी ही चाहिए।