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धरती आबा बिरसा मुंडा पुण्यतिथि: ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि, आदर्शों पर चलने का किया आह्वान

भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

Jamshedpur News: ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने विभिन्न स्थानों पर स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भी बिरसा मुंडा के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और धरती आबा के विचारों तथा संघर्षों को स्मरण किया। वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और सम्मान से सराबोर रहा। लोगों ने बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।

भादूडीह से कुकड़ू प्रखंड कार्यालय तक कई स्थानों पर किया माल्यार्पण

विधायक सविता महतो ने चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न गांवों और सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने भादूडीह, हुमीद, खोखरोडीह, बड़ालाखा, काटीया सहित कुकड़ू प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थापित प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक स्थल पर उपस्थित लोगों से संवाद भी किया और भगवान बिरसा मुंडा के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा केवल आदिवासी समाज के नेता नहीं थे, बल्कि वे पूरे देश के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उनके विचारों में सामाजिक न्याय, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की भावना समाहित थी, जो आज भी प्रासंगिक है।

स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी अस्मिता के महानायक थे बिरसा मुंडा

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक सविता महतो ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, आदिवासी समाज के गौरव और झारखंड की पहचान हैं। उन्होंने अपने अल्प जीवनकाल में अंग्रेजी शासन, शोषण और अन्याय के खिलाफ जिस साहस और दृढ़ता के साथ संघर्ष किया, वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया था। उनका आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का भी प्रतीक था। उन्होंने आदिवासी समाज को संगठित कर आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। यही कारण है कि आज भी उन्हें धरती आबा के रूप में सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।

युवाओं को बिरसा मुंडा के आदर्श अपनाने की जरूरत

विधायक सविता महतो ने कहा कि वर्तमान समय में भगवान बिरसा मुंडा के विचार और आदर्श पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बिरसा मुंडा के संघर्ष, त्याग और नेतृत्व क्षमता से प्रेरणा लें तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा और स्वाभिमान की भावना को मजबूत करने के लिए बिरसा मुंडा के आदर्शों को जीवन में उतारना आवश्यक है। यदि समाज उनके बताए मार्ग पर चलता है, तो एक न्यायपूर्ण और समतामूलक व्यवस्था स्थापित की जा सकती है। उन्होंने लोगों से भगवान बिरसा मुंडा के सपनों के समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का आग्रह किया।

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी अर्पित की श्रद्धांजलि

पुण्यतिथि कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों ने भाग लिया। सभी ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य पिंकी लायेक, झामुमो केंद्रीय सदस्य चारु चांद किस्कू, ओमप्रकाश लायेक, जिला सचिव बैधनाथ टुडू, काबलु महतो, समाजसेवी दिलीप महतो, धर्मु गोप, शंकर लायेक, आशु बेसरा तथा मदन प्रसाद सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षों और उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का समापन उनके बताए आदर्शों पर चलने और समाज में एकता, समानता तथा स्वाभिमान की भावना को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

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