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तालसा ग्राम सभा में सामाजिक बहिष्कार विवाद का हुआ निष्पक्ष समाधान, शिकायतकर्ता ने वापस लिए सभी आरोप

पूर्वी सिंहभूम जिले के तालसा गांव में मंगलवार को ग्राम सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मंगली मुर्मू एवं उनके पुत्र मंगल हेंब्रम द्वारा उपायुक्त को दिए गए कथित सामाजिक बहिष्कार संबंधी शिकायत पत्र पर चर्चा करना था। हाल के दिनों में इस शिकायत को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं हो रही थीं, जिसके बाद ग्राम सभा ने मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए बैठक बुलाने का निर्णय लिया। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, समाज के बुजुर्गों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया ताकि निष्पक्ष रूप से तथ्यों की जांच की जा सके।

शिकायतकर्ता से पूछे गए आरोपों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल

बैठक की शुरुआत में मंगल हेंब्रम से शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली गई। उनसे पूछा गया कि कथित सामाजिक बहिष्कार किस व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा किया गया था, क्या इस विषय पर ग्राम सभा की कोई बैठक हुई थी तथा क्या उन्हें गांव छोड़ने या जान से मारने की धमकी दी गई थी। शिकायत पत्र में उल्लिखित प्रत्येक बिंदु पर क्रमवार चर्चा की गई। प्रशासनिक अधिकारियों और ग्राम सभा के प्रतिनिधियों ने तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए कई प्रश्न पूछे। इस दौरान बैठक का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी बना रहा। उपस्थित लोगों ने भी यह सुनिश्चित किया कि किसी भी पक्ष पर अनावश्यक दबाव न बने और सच्चाई सामने आ सके।

ग्राम सभा और ग्रामीणों ने आरोपों को बताया निराधार

इसके बाद माझी बाबा, ग्राम सभा के सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों और गांव के वरिष्ठ नागरिकों के बयान दर्ज किए गए। सभी ने एक स्वर में कहा कि ग्राम सभा द्वारा किसी भी व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार नहीं किया गया है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि न तो किसी को गांव छोड़ने के लिए कहा गया और न ही किसी प्रकार की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर ग्राम सभा की कोई औपचारिक बैठक आयोजित नहीं हुई थी, इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि गांव में आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द हमेशा से बना रहा है तथा किसी भी विवाद को संवाद के माध्यम से सुलझाने की परंपरा रही है।

मंगल हेंब्रम ने स्वीकार की अपनी गलती, आरोप वापस लिया

विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श के बाद मंगल हेंब्रम ने स्वयं स्वीकार किया कि उन्हें माझी बाबा, ग्राम सभा अथवा गांव के किसी व्यक्ति द्वारा राजनीतिक दल बदलने, गांव छोड़ने या किसी प्रकार की धमकी नहीं दी गई थी। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि वे कुछ लोगों के बहकावे में आ गए थे और उसी के प्रभाव में शिकायत पत्र उपायुक्त कार्यालय को सौंपा गया था। मंगल हेंब्रम ने यह भी स्वीकार किया कि शिकायत पत्र किसी अन्य व्यक्ति द्वारा तैयार किया गया था। अपनी बात रखते हुए उन्होंने ग्राम सभा, समाज और गांव के लोगों से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की तथा अपने द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को वापस लेने की घोषणा की। उनके इस स्वीकारोक्ति के बाद बैठक में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

ग्राम सभा ने दिखाई उदारता, समाज में सम्मानपूर्वक रहने का अवसर दिया

मंगल हेंब्रम द्वारा आरोप वापस लेने और क्षमा मांगने के बाद ग्राम सभा ने भी उदारता का परिचय दिया। ग्राम सभा के सदस्यों और बुजुर्गों ने उन्हें क्षमा करते हुए समाज में सम्मानपूर्वक रहने का अवसर प्रदान किया। बैठक में यह संदेश दिया गया कि समाज का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दंडित करना नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द और एकता बनाए रखना है। ग्रामीणों ने कहा कि गलतफहमियों और अफवाहों को संवाद के माध्यम से दूर किया जा सकता है तथा किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। ग्राम सभा के इस निर्णय का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया और इसे सामाजिक समरसता की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।

मुखिया कान्हू मुर्मू ने दिया एकता और जिम्मेदारी का संदेश

बैठक को संबोधित करते हुए केरूआडूंगरी पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता, भाईचारा और पारंपरिक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत या विवाद का समाधान तथ्य और संवाद के आधार पर होना चाहिए। मुखिया ने कहा कि बिना सत्यापन के लगाए गए आरोप समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा कर सकते हैं। इसलिए सभी लोगों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा संविधान और पारंपरिक नियमों के अनुरूप कार्य करती है तथा सभी ग्रामीणों से सामाजिक नियमों, परंपराओं और सामुदायिक मूल्यों का सम्मान करने की अपेक्षा करती है। बैठक प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। इस दौरान पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू, तोरोप पारगना बाबा दसमत हांसदा, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित प्रकाश, अंचल अधिकारी मनोज कुमार, थाना प्रभारी सुंदरनगर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आपसी सद्भाव, विश्वास और सामाजिक एकता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।

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