https://omg10.com/4/11146156 करनडीह में आदिवासी हो समाज की बैठक संपन्न: ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार पर बनी रणनीति
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करनडीह में आदिवासी हो समाज की बैठक संपन्न: ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार पर बनी रणनीति

Jamshedpur News: करनडीह स्थित दुखूटोला में आदिवासी हो समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की सामाजिक एवं विकास संबंधी समस्याओं पर विचार-विमर्श करना तथा सामुदायिक स्तर पर समाधान की दिशा तय करना था। बैठक में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपने सुझाव एवं विचार साझा किए। बैठक के दौरान स्थानीय विकास, महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहयोग जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया कि समाज के समग्र विकास के लिए सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है।

ग्रामीण एवं सामाजिक समस्याओं पर हुई खुली चर्चा

बैठक में सबसे पहले ग्रामीण एवं सामाजिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को सामने रखा और उनके समाधान के लिए सुझाव दिए। चर्चा में स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय, सामाजिक एकता तथा जनभागीदारी को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के विकास के लिए केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय समाज के भीतर भी जागरूकता और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। लोगों ने शिक्षा, स्वच्छता, महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक सहयोग जैसे विषयों को विकास का आधार बताया। बैठक में यह भी तय किया गया कि भविष्य में नियमित अंतराल पर ऐसी बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे स्थानीय समस्याओं की पहचान और समाधान की प्रक्रिया निरंतर जारी रहे।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में सिलाई प्रशिक्षण की पहल

बैठक का प्रमुख आकर्षण ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रस्तावित सिलाई मशीन प्रशिक्षण कार्यक्रम रहा। जानकारी दी गई कि जल्द ही Tata Steel Foundation के सहयोग से महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर तैयार करना है। बैठक में मौजूद लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे परिवार एवं समाज में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। ग्रामीणों का मानना है कि कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण महिलाओं को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

हातु मुंडा बबलू हेंब्रम ने समाज को एकजुट होने का दिया संदेश

बैठक के दौरान ग्रामीण हातु मुंडा बबलू हेंब्रम ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए समाज के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती उसकी एकता और सहभागिता पर निर्भर करती है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि गांव और समाज से जुड़े कार्यक्रमों में सभी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लें तथा सामूहिक प्रयासों से विकास की नई दिशा तैयार करें। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी लोग मिलकर काम करें तो किसी भी चुनौती का समाधान संभव है। उनके संबोधन ने उपस्थित लोगों को सकारात्मक सोच और सामुदायिक सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

महिलाओं के सशक्त होने से मजबूत होगा समाज:सागर हेंब्रम

बैठक में सचिव सागर हेंब्रम ने महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तब संभव होती है जब महिलाएं शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि महिलाएं सशक्त होंगी, तभी समाज सशक्त बनेगा। उनके अनुसार महिलाओं को कौशल विकास, शिक्षा और सामाजिक अवसर प्रदान करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की और कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को भी सकारात्मक दिशा मिलेगी।

ग्रामीणों की सहभागिता से सफल रही बैठक

बैठक को सफल बनाने में समाज के कई सदस्यों और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर गोनो हेंब्रम, लंकेश्वर विरूआ, निलम विरूआ, सरस्वती सुंडी, रामराय हेंब्रम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सभी प्रतिभागियों ने बैठक के उद्देश्यों का समर्थन करते हुए भविष्य में भी सामाजिक एवं विकास संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन समाज के सामूहिक विकास, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण एकता के संदेश के साथ किया गया।

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