डुमरिया के मासूम मनुराम की जिंदगी से जुड़ी है रक्त की जरूरत


Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत बाकड़ा कोचा गांव निवासी श्याम चरण बेसरा और सालगे बेसरा के ढाई वर्षीय पुत्र मनुराम बेसरा के लिए जिंदगी की राह आसान नहीं है। कम उम्र में ही वह गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार मनुराम को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता पड़ती है। उसका ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव है और संभवतः वह थैलेसीमिया जैसी बीमारी से पीड़ित है, जिसके कारण उसके शरीर में पर्याप्त मात्रा में रक्त का निर्माण नहीं हो पाता। ऐसे में हर महीने रक्त चढ़ाना उसकी जिंदगी के लिए जरूरी बन गया है।

गरीबी के बीच बेटे के इलाज की चुनौती


मनुराम के माता-पिता आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। पिता श्याम चरण बेसरा खेती-बाड़ी के साथ मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वहीं माता सालगे बेसरा ने बताया कि पिछले लगभग नौ महीनों से उनके बेटे को नियमित रूप से रक्त की जरूरत पड़ रही है। सीमित आय और संसाधनों के कारण हर महीने रक्त की व्यवस्था करना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। परिवार की चिंता केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समय पर रक्त उपलब्ध न होने की आशंका भी उन्हें लगातार परेशान करती रही है। ऐसे कठिन समय में एक समाजसेवी के रूप में राजेश मार्डी उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए हैं।


राजेश मार्डी ने लिया बच्चे को गोद


जमशेदपुर के चर्चित रक्तदाता और समाजसेवी राजेश मार्डी, जिन्हें लोग "ट्राइबल ब्लड मैन" के नाम से जानते हैं, ने मनुराम बेसरा को गोद लेने का निर्णय लिया है। हाल ही में वे खासमहल स्थित सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चे और उसके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली और माता-पिता से उनकी परेशानियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। बच्चे की स्थिति और परिवार की आर्थिक कठिनाइयों को देखकर राजेश मार्डी भावुक हो गए। उन्होंने तत्काल मनुराम को गोद लेने की घोषणा की और भरोसा दिलाया कि बच्चे को रक्त की कमी के कारण किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

जब भी जरूरत होगी, उपलब्ध होगा रक्त


राजेश मार्डी ने कहा कि मनुराम को जब-जब रक्त की आवश्यकता होगी, वे स्वयं इसकी व्यवस्था करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जमशेदपुर ब्लड सेंटर के माध्यम से बच्चे को नियमित रूप से रक्त उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी केवल इसलिए खतरे में नहीं पड़नी चाहिए क्योंकि उसके परिवार के पास संसाधनों की कमी है। समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर ऐसे जरूरतमंद बच्चों की मदद करनी चाहिए। उनका यह कदम मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।


80 बार रक्तदान कर चुके हैं राजेश मार्डी


राजेश मार्डी रक्तदान के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। अब तक वे अपने जीवन में 80 बार रक्तदान कर चुके हैं। रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद मरीजों तक रक्त पहुंचाने के लिए उनका नाम पूरे क्षेत्र में सम्मान के साथ लिया जाता है। वे केवल स्वयं रक्तदान ही नहीं करते, बल्कि जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदाताओं का नेटवर्क भी तैयार करते हैं। उनके प्रयासों से अनेक मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका है। इसी कारण लोग उन्हें "ट्राइबल ब्लड मैन" के नाम से जानते हैं।

अब तक 10 बच्चों की जिम्मेदारी उठा चुके हैं


मनुराम बेसरा कोई पहला बच्चा नहीं है जिसे राजेश मार्डी ने गोद लिया है। जानकारी के अनुसार वे अब तक 10 जरूरतमंद बच्चों को गोद लेकर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में सहयोग कर चुके हैं। उनका उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर जीवन और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। मनुराम को गोद लेने की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजेश मार्डी जैसे समाजसेवी आज के समय में मानवता की मिसाल हैं। उनका यह कदम न केवल एक बच्चे के जीवन को सुरक्षित करेगा, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत बनाएगा।