Jamshedpur News: जमशेदपुर को लंबे समय से रक्तदाताओं के शहर के रूप में पहचान मिली हुई है। यहां विभिन्न सामाजिक संगठनों और रक्तदाताओं की पहल पर जरूरतमंद मरीजों को समय-समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाता रहा है। इन दिनों शहर भीषण गर्मी की चपेट में है और तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं तथा अपने जरूरी काम सुबह के समय ही निपटा रहे हैं। ऐसे कठिन मौसम में भी कुछ युवाओं ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
राजेश मार्डी के नेतृत्व में आगे आए युवा
रक्तदान अभियान का नेतृत्व जमशेदपुर के चर्चित समाजसेवी और "ट्राइबल ब्लड मैन" के नाम से प्रसिद्ध राजेश मार्डी ने किया। उनके आह्वान पर युवाओं की एक टोली जमशेदपुर ब्लड सेंटर पहुंची और स्वेच्छा से रक्तदान किया। राजेश मार्डी लंबे समय से रक्तदान और रक्तदाताओं को प्रेरित करने के कार्य में सक्रिय हैं। उनके प्रयासों से अनेक जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो चुका है।उन्होंने कहा कि मौसम चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो, यदि किसी मरीज की जिंदगी रक्त की कमी के कारण खतरे में हो तो समाज के लोगों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं बल्कि मानव जीवन को बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
एक दिन में 15 युवाओं ने किया रक्तदान
भीषण गर्मी के बावजूद कुल 15 युवाओं ने जमशेदपुर ब्लड सेंटर पहुंचकर स्वैच्छिक रक्तदान किया। रक्तदाताओं ने यह संदेश दिया कि यदि स्वास्थ्य ठीक हो और इच्छा मजबूत हो तो मौसम किसी भी अच्छे कार्य में बाधा नहीं बन सकता।रक्तदान करने वाले युवाओं ने बताया कि रक्तदान से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती, बल्कि यह एक सुरक्षित और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। उनके अनुसार एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। इसलिए समाज के अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
इन युवाओं ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
रक्तदान करने वालों में मुख्य रूप से समीर मार्डी, कृष्णा सोरेन, सन्नी हेम्ब्रम, समीर कुमार टुडू, श्याम बेसरा, सुनील कुमार चांपिया, सौरव मुर्मू, सन्नी सोनकर, लव कुमार टुडू, राजेश महुरे, सुबोध गोराई, लखिंद्र हेम्ब्रम, परमेश्वर मार्डी, अर्जुन हांसदा और बाबूलाल टुडू शामिल रहे। विशेष बात यह रही कि इनमें से कुछ रक्तदाता दूरदराज क्षेत्रों से भी पहुंचे। सुरदा क्रांसिग क्षेत्र से आए अर्जुन हांसदा और बाबूलाल टुडू ने भी रक्तदान कर इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी रक्तदाताओं का ब्लड सेंटर में स्वागत किया गया तथा उनके इस मानवीय कार्य की सराहना की गई।
रक्तदान से बच सकती हैं कई जिंदगियां
विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटना, ऑपरेशन, प्रसव, थैलेसीमिया, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाता स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बन जाते हैं। गर्मी के मौसम में अक्सर रक्तदान की संख्या कम हो जाती है, जिससे ब्लड बैंकों में रक्त की उपलब्धता प्रभावित होती है। ऐसे समय में 15 युवाओं द्वारा किया गया यह रक्तदान अभियान न केवल सराहनीय है बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी है। राजेश मार्डी और उनकी टीम की यह पहल यह साबित करती है कि मानवता की सेवा के लिए समर्पित लोग परिस्थितियों की परवाह किए बिना हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। यह अभियान अन्य युवाओं को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा और समाज में सेवा भावना को और मजबूत बनाएगा।
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