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टाटा स्टील ने जमशेदपुर एयरपोर्ट पर आयोजित किया फुल स्केल इमरजेंसी एक्सरसाइज, आपदा प्रबंधन तैयारियों का हुआ व्यापक परीक्षण

जमशेदपुर एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ आपातकालीन अभ्यास

Jamshedpur News: टाटा स्टील एविएशन सर्विसेज ने मंगलवार को जमशेदपुर एयरपोर्ट पर पूर्ण स्तरीय आपातकालीन अभ्यास (फुल स्केल इमरजेंसी एक्सरसाइज – FSEE) का सफल आयोजन किया। सुबह 9:30 बजे शुरू हुए इस व्यापक अभ्यास का उद्देश्य हवाई अड्डे पर संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन करना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता को परखना था। यह अभ्यास डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा निर्धारित सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया। जमशेदपुर एयरपोर्ट सार्वजनिक उपयोग श्रेणी के अंतर्गत लाइसेंस प्राप्त हवाई अड्डा है, जिसका संचालन टाटा स्टील के एविएशन विभाग द्वारा किया जाता है। नियामकीय मानकों के अनुसार ऐसे अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं, ताकि किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप आयोजित किया गया अभ्यास


डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक लाइसेंसधारी हवाई अड्डे के लिए नियमित अंतराल पर आपातकालीन अभ्यास आयोजित करना अनिवार्य है। इसी क्रम में टाटा स्टील एविएशन सर्विसेज द्वारा यह फुल स्केल इमरजेंसी एक्सरसाइज आयोजित की गई। इस प्रकार के अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट की आपदा प्रबंधन योजना की कार्यक्षमता का परीक्षण करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और आपात स्थिति में उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता का मूल्यांकन करना होता है। यह अभ्यास न केवल सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करता है, बल्कि संभावित जोखिमों की पहचान कर भविष्य की तैयारियों को और मजबूत बनाने में भी मदद करता है।

काल्पनिक विमान दुर्घटना के माध्यम से परखी गई तैयारियां


मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक विमान दुर्घटना की स्थिति निर्मित की गई। इस परिदृश्य के तहत यह देखा गया कि किसी बड़े विमान हादसे की स्थिति में एयरपोर्ट प्रशासन, अग्निशमन दल, चिकित्सा टीमों और अन्य एजेंसियों की प्रतिक्रिया कितनी तेज और प्रभावी रहती है। अभ्यास के दौरान बचाव कार्यों, आग बुझाने की प्रक्रिया, घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और अस्पताल तक पहुंचाने जैसी विभिन्न गतिविधियों का वास्तविक परिस्थितियों की तरह संचालन किया गया। इसके साथ ही संचार व्यवस्था, सूचना प्रसारण प्रणाली और कमांड एवं कंट्रोल मैकेनिज्म की भी गहन जांच की गई। इस अभ्यास ने यह सुनिश्चित किया कि सभी एजेंसियां किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में एकीकृत रूप से कार्य कर सकें।

विभिन्न एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी रही प्रमुख आकर्षण


इस व्यापक आपातकालीन अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों, टाटा स्टील फायर एंड सिक्योरिटी सर्विसेज, नगर अग्निशमन सेवा, सरकारी स्वास्थ्य एजेंसियों, टाटा मेन हॉस्पिटल की मेडिकल टीमों, बीएसएनएल के प्रतिनिधियों, एयरलाइन ऑपरेटरों तथा एयरपोर्ट अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी एजेंसियों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए आपसी समन्वय का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के बीच सूचना आदान-प्रदान, संसाधनों की तैनाती और त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि किसी वास्तविक संकट की स्थिति में सभी संबंधित विभाग प्रभावी ढंग से मिलकर कार्य कर सकें।

कॉरपोरेट कम्युनिकेशन और एविएशन टीम ने संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी


मॉक ड्रिल के दौरान मीडिया प्रबंधन और जनसंपर्क से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी टाटा स्टील के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन विभाग ने संभाली। अभ्यास के दौरान सूचना प्रवाह को व्यवस्थित बनाए रखने तथा विभिन्न हितधारकों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया को भी परखा गया। इस संपूर्ण अभ्यास की योजना, संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी टाटा स्टील के सीनियर एग्जीक्यूटिव (एविएशन ऑपरेशंस) के. के. पांडेय ने संभाली। उनके नेतृत्व में पूरे अभ्यास का सफल संचालन किया गया। विभिन्न चरणों में एजेंसियों की भूमिका और प्रतिक्रिया का सूक्ष्म अवलोकन किया गया, ताकि भविष्य में आवश्यक सुधारों की पहचान की जा सके।

डीजीसीए को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट


अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों, निष्कर्षों और अवलोकनों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट में आपदा प्रबंधन प्रणाली की मजबूती, विभिन्न एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता, उपकरणों की उपलब्धता तथा सुधार की संभावनाओं का विस्तृत विश्लेषण शामिल होगा। रिपोर्ट को समीक्षा और नियामकीय अनुपालन के लिए डीजीसीए को प्रस्तुत किया जाएगा। टाटा स्टील एविएशन सर्विसेज का मानना है कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास न केवल विमानन सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि यात्रियों, कर्मचारियों और संबंधित एजेंसियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह अभ्यास जमशेदपुर एयरपोर्ट की आपातकालीन तैयारियों और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हुआ।

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