Jamshedpur
नेशनल टॉपर शांभवी तिवारी करेंगी उद्घाटन
इस मेले की सबसे खास बात इसकी उद्घाटन पद्धति है। शिक्षा और सफलता के प्रतीक के रूप में, सीबीएसई बोर्ड की आईएससी बायो साइंस की नेशनल टॉपर शांभवी तिवारी और कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलसचिव रंजीत कुमार कर्ण संयुक्त रूप से इस मेले का उद्घाटन करेंगे। युवा प्रतिभा द्वारा उद्घाटन कराया जाना विद्यार्थियों को प्रेरित करने और समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करने का एक सार्थक प्रयास है। यह समारोह रविवार को आयोजित होगा, जो आधिकारिक रूप से पठन उत्सव की शुरुआत करेगा।
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देशभर के 50 से अधिक दिग्गज प्रकाशकों की भागीदारी
इस पुस्तक मेले में साहित्य और ज्ञान का महासंगम देखने को मिलेगा। देशभर के 50 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशक अपनी हजारों पुस्तकों के साथ इस मेले में शिरकत कर रहे हैं। प्रमुख प्रकाशकों में शामिल हैं:
- राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन और ज्ञानपीठ प्रकाशन
- समय प्रकाशन, यश प्रकाशन और राजपाल प्रकाशन
- गीता प्रेस (गोरखपुर), उपकार प्रकाशन (आगरा) और मनोज पब्लिकेशंस
- संवाद प्रकाशन,
गोवो बुक्स, रणविजय प्रकाशन और दीपा प्रकाशन
एक ही छत के नीचे इतने बड़े स्तर पर प्रकाशकों की उपलब्धता पाठकों के लिए एक दुर्लभ अवसर है।
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विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए विशेष संग्रह
मेले का आयोजन केवल साहित्य प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखकर भी किया गया है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्याधुनिक अध्ययन सामग्री, शैक्षणिक पुस्तकें, बाल साहित्य और प्रेरणादायक पुस्तकों की एक समृद्ध श्रृंखला उपलब्ध होगी। इसके अलावा, आध्यात्मिक रुचि रखने वाले लोगों के लिए धार्मिक ग्रंथों का भी विस्तृत संग्रह मौजूद रहेगा। आयोजकों का मानना है कि यह मेला अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए पुस्तकों के चयन का एक बेहतरीन मंच साबित होगा।
शिक्षा विभाग की पहल, स्कूलों को विशेष आमंत्रण
पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक राजेश कुमार ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि वे स्कूलों के बच्चों को मेले में लेकर आएं। इसके अतिरिक्त, स्कूलों को उपलब्ध बजट से उपयोगी पुस्तकें क्रय करने का भी सुझाव दिया गया है। प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन के डॉ. विजय प्रकाश और समय प्रकाशन के कन्हैया लाल पटेल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही किताबें पढ़ने की आदत (Reading Habit) को विकसित करना है।
सामुदायिक जुड़ाव व व्यापक भागीदारी की अपील
मेले को समावेशी बनाने के लिए आयोजकों ने व्यापक स्तर पर जनसंपर्क किया है। सभी केंद्रीय कार्यालयों, सरकारी उपक्रमों, बैंकों के हिंदी अधिकारियों (नराकास), तथा निजी एवं सरकारी विद्यालयों को औपचारिक निमंत्रण भेजे गए हैं। समय इंडिया, पुस्तक मेला समिति (रांची) और प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह मेला जमशेदपुर के बौद्धिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। स्थानीय निवासियों और पुस्तक प्रेमियों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ज्ञान उत्सव को सफल बनाएं।

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