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साकची में 'दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी' का भव्य शुभारंभ

 जमशेदपुर: पुस्तक प्रेमियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बुधवार का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। साकची स्ट्रेट माइल रोड पर नवनिर्मित आधुनिक सुविधाओं से लैस 'जिला स्तरीय दिशोम गुरु मेमोरियल पुस्तकालय' का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस भव्य समारोह में जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, पूर्व विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह और उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी मुख्य रूप से उपस्थित थे। यह पुस्तकालय न केवल शहर की शैक्षणिक गरिमा को बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का एक नया केंद्र बनेगा।




जिला स्तरीय पुस्तकालय का शुभारंभ 

साकची के हृदय स्थल में स्थित इस जिला स्तरीय पुस्तकालय का शुभारंभ पारंपरिक और विधिवत तरीके से किया गया। कार्यक्रम के दौरान जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी और जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने फीता काटकर भवन को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर पूर्व विकास आयुक्त श्री अरुण कुमार सिंह ने जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की। जिले के उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पुस्तकालय की भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, प्रशासनिक अधिकारी और छात्र मौजूद थे।



पुस्तकालय की बनावट और आधुनिक ढांचा

यह पुस्तकालय भवन आधुनिक स्थापत्य कला का एक बेहतरीन नमूना है। कुल 22,500 स्क्वायर फीट के विशाल क्षेत्र में फैले इस भवन का निर्माण 9,300 स्क्वायर फीट के कवर्ड एरिया में किया गया है। बहुमंजिला इस इमारत में पाठकों की सुविधा के लिए दो लिफ्ट और दो सीढ़ियों की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे परिसर में अत्याधुनिक अग्निशामक यंत्र लगाए गए हैं। भवन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यहां पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा बनी रहे, जिससे पाठकों को पढ़ाई के लिए शांत और सुखद वातावरण मिल सके।

चार तलों पर फैली विश्वस्तरीय सुविधाएं

पुस्तकालय के प्रत्येक तल को विशिष्ट उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है:

  1. प्रथम तल: यहां मुख्य लाइब्रेरी, विशाल रीडिंग रूम और पाठकों की सुविधा के लिए कुछ दुकानें व शौचालय बनाए गए हैं।
  2. द्वितीय एवं तृतीय तल: इन तलों पर जिला विज्ञान केंद्र के साथ-साथ 'डिजिटल लाइब्रेरी' की व्यवस्था है। यहां भी अलग से रीडिंग रूम की सुविधा दी गई है।
  3. चतुर्थ तल: इस तल पर एक आधुनिक सभागार (Auditorium) बनाया गया है, जिसका उपयोग शैक्षणिक और व्यावसायिक आयोजनों के लिए किया जा सकेगा। भवन के निचले हिस्से में पार्किंग, एटीएम और एक कॉफी शॉप की भी योजना है, ताकि छात्र लंबे समय तक बैठकर अध्ययन कर सकें।

विधायक मंगल कालिंदी: "ग्रामीण छात्रों के लिए मील का पत्थर"

जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने अपने संबोधन में कहा कि साकची के केंद्र में इस लाइब्रेरी का खुलना एक सपना सच होने जैसा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस लाइब्रेरी का सबसे अधिक लाभ उन ग्रामीण छात्र-छात्राओं को मिलेगा जो संसाधनों के अभाव में महंगी किताबें नहीं खरीद पाते। उन्होंने कहा, "दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी केवल एक भवन नहीं, बल्कि ज्ञान का वह प्रकाश है जो हमारे युवाओं के भविष्य को रोशन करेगा। यहां बैठकर छात्र शांति से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।"



विधायक पूर्णिमा साहू: "अध्ययन के नए केंद्र के रूप में पहचान"

जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने पुस्तकालय को विद्यार्थियों के लिए एक वरदान बताया। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर अब केवल उद्योगों के लिए ही नहीं, बल्कि अध्ययन के एक बड़े केंद्र के रूप में भी जाना जाएगा। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में गरीब परिवारों के बच्चों के लिए मुफ्त में स्तरीय पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। पूर्णिमा साहू ने विश्वास जताया कि यहां मिलने वाली विश्वस्तरीय अध्ययन सामग्री से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

30 हजार किताबों का लक्ष्य और डिजिटल लाइब्रेरी

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने लाइब्रेरी की क्षमता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 8 हजार किताबों के साथ इसका शुभारंभ किया गया है, लेकिन बहुत जल्द इसकी क्षमता बढ़ाकर 30 हजार किताबों तक की जाएगी। इन किताबों में इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और विज्ञान जैसे विषयों के अलावा महापुरुषों की जीवनियां और प्रसिद्ध लेखकों का साहित्य शामिल रहेगा। इसके साथ ही, डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से छात्र इंटरनेट पर मौजूद करोड़ों ई-पुस्तकों और शोध पत्रों तक भी पहुंच सकेंगे।

बेहतर संचालन के लिए पांच अधिकारियों की विशेष टीम

पुस्तकालय का रखरखाव और संचालन बेहतर तरीके से हो, इसके लिए उपायुक्त ने पांच अधिकारियों की एक समर्पित टीम गठित की है। यह टीम लाइब्रेरी की दैनिक गतिविधियों, किताबों के स्टॉक और पाठकों की सुविधाओं की निगरानी करेगी। डीसी ने यह भी कहा कि लाइब्रेरी में आने वाले पाठकों से नियमित रूप से सुझाव लिए जाएंगे। अगर छात्र किसी विशेष किताब या सुविधा की मांग करते हैं, तो प्रशासन उसे प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएगा। संचालन में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष नियमावली भी तैयार की गई है।

जनभागीदारी और भविष्य की योजनाएं

पूर्व विकास आयुक्त श्री अरुण कुमार सिंह ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण बात कही कि किसी भी सार्वजनिक संस्थान की सफलता समाज की भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस पुस्तकालय को अपना समझें और इसके रख-रखाव में सहयोग करें। समारोह के दौरान यह भी बताया गया कि कई नागरिकों ने अपनी ओर से किताबें दान भी की हैं। भविष्य में यहां 'बुक डोनेशन कैंप' भी लगाए जाएंगे। प्रशासन की योजना है कि इसे एक 'मल्टीपर्पज हब' के रूप में विकसित किया जाए, जहां छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ करियर काउंसलिंग की सुविधा भी मिल सके।

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