वियतनाम में मृत प्रवासी श्रमिक के परिजन को मिले ₹5 लाख, DC राजीव रंजन ने सौंपी आर्थिक सहायता

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने समाहरणालय में एक भावुक क्षण के दौरान 'मुख्यमंत्री झारखंड अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना' के तहत पीड़ित परिवार को ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) की अनुदान राशि का चेक सौंपा। यह सहायता कदमा निवासी दिवंगत अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक स्व. विनय राय के आश्रित पिता श्री रमेश राय को प्रदान की गई।

वियतनाम में सड़क दुर्घटना में हुई थी श्रमिक की असामयिक मृत्यु
कदमा निवासी स्व. विनय राय आजीविका की तलाश में विदेश (वियतनाम) गए हुए थे, जहाँ एक दुखद दुर्घटना के दौरान उनकी असामयिक मृत्यु हो गई थी। इस अप्रत्याशित हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना मिलने के बाद राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को संबल देने की प्रक्रिया शुरू की और सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता राशि स्वीकृत की।

मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री के निर्देशों पर त्वरित कार्रवाई
माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड एवं श्रम मंत्री के स्पष्ट निर्देशों के आलोक में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा इस मामले में त्वरित कार्रवाई की गई। विभाग ने कागजी प्रक्रियाओं को शीघ्रता से पूरा करते हुए नियमानुसार ₹5 लाख की सहायता राशि स्वीकृत की, जिसे उपायुक्त राजीव रंजन ने स्वयं समाहरणालय में पीड़ित पिता को हस्तांतरित किया।

क्या है मुख्यमंत्री झारखंड अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना?
'मुख्यमंत्री झारखंड अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना' झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित एक अत्यंत संवेदनशील कल्याणकारी योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विदेश में काम करने गए झारखंड के निवासी श्रमिकों की असामयिक मृत्यु हो जाने की स्थिति में उनके आश्रितों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत संबंधित जिले के उपायुक्त द्वारा पात्र आश्रित को ₹5,00,000/- की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है।

संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों का संबल बनी राज्य सरकार
विदेशों में काम करने वाले श्रमिकों के साथ अप्रिय घटना घटने पर उनके परिजनों के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे समय में राज्य सरकार की यह योजना प्रभावित परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत सभी पात्र प्रवासी श्रमिकों और उनके आश्रितों को समय पर लाभ पहुंचाना सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।