जमशेदपुर के पास संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में दर्दनाक हादसा
Jamshedpur News: जमशेदपुर के समीप शनिवार सुबह संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें 41 वर्षीय महिला यात्री की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल ट्रेन में मौजूद यात्रियों को झकझोर दिया, बल्कि मृतका के तीन छोटे बच्चों की जिंदगी में भी गहरा दुख छोड़ दिया। घटना के बाद पूरे कोच में मातम जैसा माहौल बन गया और बच्चे अपनी मां के शव को देखकर बिलखते रहे। मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले की रहने वाली निशा देवी, पति मनोज कुमार के रूप में हुई है। वह अपने तीन बच्चों के साथ टाटानगर आ रही थीं। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
स्टेशन पर उतरने के बाद जल्दबाजी बनी हादसे की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार निशा देवी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एस-5 कोच में सफर कर रही थीं। सुबह ट्रेन एक स्टेशन पर कुछ देर के लिए रुकी थी। इसी दौरान वह किसी आवश्यक कार्य के लिए ट्रेन से नीचे उतर गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन खुलने लगी तो उन्होंने जल्दबाजी में दोबारा कोच में चढ़ने का प्रयास किया। लेकिन ट्रेन गति पकड़ने लगी थी और इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते वह रेलवे ट्रैक पर गिर गईं। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद यात्री कुछ समझ ही नहीं सके। कई लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
रेलवे प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) तथा रेलवे के अन्य अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस ने मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। साथ ही पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से यह दुर्घटना हुई। रेलवे अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, रेलवे ने की सहायता
इस हादसे के बाद मृतका के तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने बच्चों को सांत्वना देने की कोशिश की, लेकिन मां को खोने का दर्द किसी के लिए भी असहनीय था। रेलवे प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि बच्चों को आवश्यक सहायता और देखभाल उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इस कठिन परिस्थिति में अकेले महसूस न करें। घटना के बाद ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों ने भी बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त की और रेलवे प्रशासन की सहायता में सहयोग किया।
चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने से बचने की रेलवे की अपील
इस हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि चलती या खुलने वाली ट्रेन में चढ़ने अथवा उतरने का प्रयास कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि कुछ सेकंड की जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि यदि ट्रेन चलने लगे तो उसे पकड़ने की कोशिश न करें। अगली ट्रेन का इंतजार करना हमेशा सुरक्षित विकल्प होता है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर सावधानी बरतने, बच्चों का विशेष ध्यान रखने और यात्रा के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है। जमशेदपुर में हुई यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि रेलवे यात्रा के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। यात्रियों को हमेशा सतर्क रहकर यात्रा करनी चाहिए, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
Social Plugin