पूर्वी सिंहभूम शिक्षा समीक्षा बैठक 2026: डीसी ने छात्रवृत्ति, बैंक खाता, आधार अपडेट और साइकिल वितरण में तेजी लाने के दिए निर्देश

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम के डीसी कार्यालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था। बैठक में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की शिक्षा, विद्यालय सत्यापन, ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान एवं पुनः नामांकन, यू-डायस (U-DISE) डेटा अपडेट, छात्रवृत्ति, बैंक खाता, आधार अद्यतन और साइकिल वितरण योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा से जुड़ी प्रत्येक सरकारी योजना का लाभ समय पर पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया।

छात्रवृत्ति की डीबीटी राशि जल्द दिलाने के लिए रिकॉर्ड सुधारने का निर्देश


बैठक में छात्रवृत्ति वितरण की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई विद्यार्थियों को तकनीकी अथवा डेटा संबंधी त्रुटियों के कारण डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त नहीं हो सकी है। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों की पहचान कर एक सप्ताह के भीतर विद्यार्थियों के त्रुटिपूर्ण अभिलेखों में सुधार किया जाए। इसके बाद संशोधित दस्तावेज जिला कल्याण कार्यालय को उपलब्ध कराए जाएं ताकि पात्र विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति की राशि शीघ्र भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को केवल तकनीकी त्रुटि के कारण सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी अधिकारी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।


5 हजार विद्यार्थियों के बैंक खाते खोलने पर विशेष जोर


समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई कि जिले में लगभग 5,000 विद्यार्थियों के बैंक खाते अभी तक नहीं खुले हैं, जिसके कारण वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उपायुक्त ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों (BEEO) और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों (BPO) को निर्देश दिया कि जिन विद्यार्थियों के बैंक खाता खोलने के आवेदन पहले से बैंकों में जमा हैं, उनकी नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही संबंधित बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी लंबित खातों को जल्द से जल्द खुलवाया जाए। उन्होंने कहा कि बैंक खाता सरकारी योजनाओं का आधार है। यदि समय पर खाते नहीं खुलेंगे तो छात्रवृत्ति सहित अन्य वित्तीय लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जन्म प्रमाण पत्र और आधार अपडेट को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश


बैठक में कई विद्यार्थियों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने का मामला भी सामने आया। उपायुक्त ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है। उन्होंने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे सभी विद्यार्थियों के जन्म प्रमाण पत्र जल्द जारी कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा विद्यालयों में चल रहे आधार नामांकन और आधार अपडेट शिविरों की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी का आधार नामांकन एवं आवश्यकतानुसार आधार अपडेट समयबद्ध तरीके से पूरा होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने में कोई बाधा न आए।


साइकिल वितरण योजना में तेजी लाने का निर्देश


बैठक में राज्य सरकार की साइकिल वितरण योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पाया कि कई प्रखंडों से अभी तक प्रस्ताव और आवश्यक आंकड़े जिला कार्यालय को प्राप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि साइकिल वितरण से जुड़े सभी लंबित प्रस्तावों को प्रखंड स्तरीय समिति से अनुमोदित कर शीघ्र जिला कार्यालय भेजा जाए। साथ ही आवश्यक प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कर लाभुक विद्यार्थियों के बीच साइकिल का वितरण जल्द सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जिले के लिए साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो और पात्र विद्यार्थियों को समय पर इसका लाभ मिले।

शिक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रशासन का विशेष फोकस


मासिक समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को शिक्षा विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टीम भावना के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान कर उनका पुनः नामांकन, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, विद्यालय सत्यापन तथा यू-डायस डेटा अपडेट जैसे कार्यों को भी गंभीरता से पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और सभी योजनाओं की प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए ताकि जिले का कोई भी विद्यार्थी सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO), प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) सहित शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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