कन्हाईश्वर पहाड़ पूजा: चाकुलिया में उमड़ा आस्था का सैलाब, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने तीन राज्यों के श्रद्धालुओं संग की सुख-समृद्धि की कामना

 Jamshedpur News: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के केंद्र कन्हाईश्वर पहाड़ पर शनिवार को पारंपरिक वार्षिक पूजा का आयोजन बेहद श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। आसमान से बरसती रिमझिम फुहारों और सुहावने मौसम के बीच इस पावन पर्व पर आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिला। कन्हाईश्वर पहाड़ की महत्ता इतनी अधिक है कि इसके दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए न केवल स्थानीय लोग, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में भक्त यहां खिंचे चले आते हैं। इस वर्ष भी प्रकृति की सुरम्य गोद में स्थित इस धार्मिक स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी, जिससे पूरा पहाड़ी क्षेत्र भक्तिमय जयकारों से गूंज उठा।




कन्हाईश्वर पहाड़ में रिमझिम बारिश के बीच आस्था का महासंगम दिखा

शनिवार की सुबह से ही मौसम ने करवट ली और चाकुलिया प्रखंड के जयनगर स्थित कन्हाईश्वर पहाड़ क्षेत्र में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। अमूमन ऐसी बारिश में लोग घरों से निकलने से कतराते हैं, लेकिन कन्हाईश्वर बाबा के प्रति अगाध श्रद्धा रखने वाले भक्तों के कदम जरा भी नहीं डगमगाए। हाथ में पूजा की थाली, मन में गहरी आस्था और होठों पर भगवान के जयकारे लिए श्रद्धालु दुर्गम रास्तों और सीढ़ियों को पार करते हुए पहाड़ की चोटी पर पहुंचे। बारिश की बूंदों ने इस पारंपरिक पूजा के माहौल को और भी पवित्र तथा अलौकिक बना दिया। प्रकृति और संस्कृति के इस अनूठे मिलाप ने वहां मौजूद हर एक श्रद्धालु को मंत्रमुग्ध कर दिया।



तीन राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का है प्रमुख केंद्र

कन्हाईश्वर पहाड़ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराज्यीय सौहार्द और अटूट विश्वास का प्रतीक है। हर साल की तरह इस वर्ष भी यहां झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। तीनों राज्यों की सीमाओं और संस्कृतियों का यह मिलन कन्हाईश्वर पहाड़ की महत्ता को दर्शाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से कन्हाईश्वर बाबा के दरबार में आकर मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। अंतरराज्यीय श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी के कारण यहां की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई थी।

पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने की विधि-विधान से पूजा-अर्चना

इस पावन अवसर पर बहरागोड़ा के पूर्व विधायक सह झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी विशेष रूप से कन्हाईश्वर पहाड़ पहुंचे। वे आम श्रद्धालुओं की तरह ही पहाड़ी रास्तों से होते हुए मुख्य पूजा स्थल तक गए। इसके बाद उन्होंने वहां के मुख्य पुरोहितों के निर्देशन में पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। कुणाल षाड़ंगी ने कन्हाईश्वर बाबा के चरणों में शीश नवाया और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, उन्नति तथा खुशहाली की कामना की। उन्होंने बाबा से प्रार्थना की कि क्षेत्र के किसानों के खेत हमेशा फसलों से लहलहाते रहें और सभी नागरिक निरोगी व समृद्ध रहें।

सांस्कृतिक विरासत व धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत

पूजा-अर्चना के बाद मीडिया और स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए झामुमो नेता कुणाल षाड़ंगी ने कन्हाईश्वर पहाड़ के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि
कन्हाईश्वर पहाड़ तीन राज्यों (झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल) के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख और अटूट केंद्र है। हर वर्ष यहां हजारों श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं और बाबा उनका कल्याण करते हैं। यह स्थान हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने की आवश्यकता है ताकि देश-विदेश से लोग हमारी इस पावन संस्कृति से परिचित हो सकें।

झामुमो कार्यकर्ता भी धार्मिक आयोजन में पहुंचे थे

इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और पूजा समिति ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुणाल षाड़ंगी के इस दौरे और पूजा के दौरान उनके साथ क्षेत्र के कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक चेहरे उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से श्याम मंडी, स्थानीय मुखिया साहेब राम मंडी, मोहन मिश्रा, अरविंद सिंह, संजय सिंह, राहुल बारिक, सूरज दलई सहित झामुमो के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता, पदाधिकारी और भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु मौजूद थे। सभी ने मिलकर कन्हाईश्वर बाबा की आरती उतारी और अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिससे यह पावन उत्सव शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

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