Jamshedpur News : बागबेड़ा के कुंवर सिंह मैदान क्षेत्र में 15 साल बाद पहुंचा नल का पानी

 Jamshedpur News : जमशेदपुर के बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी के निवासियों के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है। पिछले डेढ़ दशक यानी 15 वर्षों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर-3 के लगभग 50 परिवारों को आखिरकार इस भीषण पेयजल संकट से मुक्ति मिल गई है। बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के तहत अब इन घरों में नियमित और सुचारू रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। सालों पुरानी इस बुनियादी समस्या का समाधान होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का माहौल है। स्थानीय महिलाओं और बुजुर्गों के चेहरे पर आई मुस्कान इस बात की गवाह है कि यह राहत उनके लिए कितनी मायने रखती है।



15 वर्षों का लंबा इंतजार और पेयजल संकट का अंत

बागबेड़ा का कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर-3 पिछले कई सालों से सरकारी उपेक्षा और तकनीकी खामियों के कारण पानी की किल्लत से जूझ रहा था। स्थानीय निवासियों को दैनिक कार्यों के लिए दूर-दराज के चापाकालों या महंगे वाटर टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। लेकिन अब, बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के सक्रिय होने से लगभग 50 घरों की प्यास बुझ गई है। वर्षों से बंद पड़े नलों से जैसे ही पानी की धार फूटी, लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। यह केवल पानी की सप्लाय नहीं, बल्कि उनके संघर्षों की जीत है।

लगातार इस गंभीर मुद्दे को हर प्रशासनिक मंच पर उठाया

इस नामुमकिन दिख रहे कार्य को धरातल पर उतारने का श्रेय स्थानीय पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता को जाता है। सुनील गुप्ता ने इस समस्या को केवल एक चुनावी मुद्दा नहीं माना, बल्कि इसे अपने जीवन का मुख्य संकल्प बना लिया। उन्होंने पिछले कई वर्षों से लगातार इस गंभीर मुद्दे को हर प्रशासनिक मंच पर उठाया। अधिकारियों की चौखट से लेकर जन-सुनवाई तक, उन्होंने बागबेड़ा के लोगों की आवाज को कमजोर नहीं होने दिया। यह उन्हीं की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है कि आज इस क्षेत्र के 50 परिवारों को उनका अधिकार मिल सका है।

4 लाख की लागत से पाइपलाइन इंटर-कनेक्शन का हुआ काम

तकनीकी रूप से इस समस्या को दूर करने के लिए एक मजबूत कार्ययोजना तैयार की गई थी। इस पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद से वित्तीय सहायता प्राप्त की गई। डीएमएफटी फंड से लगभग चार लाख रुपये की अनुमानित लागत से पाइपलाइन का इंटर-कनेक्शन निर्माण कार्य पूरी मजबूती के साथ संपन्न कराया गया। पुरानी और जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों को आपस में जोड़कर नया नेटवर्क तैयार किया गया, जिससे बिना किसी लीकेज और रुकावट के पानी को अंतिम छोर पर स्थित घरों तक पहुंचाया जा सके।

पर्याप्त प्रेशर के साथ पहुंचा सप्लाई पानी

निर्माण कार्य और इंटर-कनेक्शन का काम पूरा होने के बाद जब ट्रायल किया गया, तो वह पूरी तरह सफल रहा। इसके बाद तय समय के अनुसार सुबह बेला की पहली आधिकारिक सप्लाई शुरू की गई। जैसे ही मुख्य वाल्व खोला गया, सभी 50 घरों के नलों में पर्याप्त दबाव (हाई प्रेशर) के साथ पानी पहुंचना शुरू हो गया। पानी आते ही घरों में बर्तनों को भरने की होड़ मच गई। लोगों ने अपने-अपने घरों में रखे बाल्टी, ड्रम, टब और अन्य बर्तनों में पानी का संग्रहण किया। पर्याप्त प्रेशर होने के कारण ऊंचाई पर स्थित घरों में भी पानी आसानी से पहुंच गया।

विधायक व प्रशासनिक अधिकारियों का मिला सहयोग

सुनील गुप्ता ने इस ऐतिहासिक कार्य की सफलता के पीछे सामूहिक प्रयासों को रेखांकित किया है। उन्होंने बताया कि इस कार्य को स्वीकृत कराने और फंड जारी करवाने के लिए उन्होंने पोटका विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक संजीव सरदार से मुलाकात की थी, जिनका उन्हें पूरा समर्थन मिला। इसके साथ ही उन्होंने जमशेदपुर के जिला उपायुक्त (DC), पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता (EE), कनीय अभियंता (JE) तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को कई बार मांग पत्र सौंपे थे। पंचायत समिति की हर मासिक बैठक में भी सुनील गुप्ता इस एजेंडे को प्रमुखता से उठाते रहे, जिसके कारण प्रशासन को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी।

स्थानीय निवासियों ने जताया आभार

जलापूर्ति बहाल होने के बाद कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर-3 के निवासियों ने एक स्वर में पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया. स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नेताओं की कमी नहीं है, जो केवल चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन पंसस उन सभी से अलग हैं। सुनील गुप्ता केवल खोखले वादे नहीं करते, बल्कि ईमानदारी से उन्हें धरातल पर साकार भी करते हैं। उन्होंने हमें 15 साल पुराने संकट से मुक्ति दिलाई है।


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