Jamshedpur News: जमशेदपुर के कुदादा गांव में स्वर्गीय दशरथ बेसरा की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और भावनात्मक स्मृतियों के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह श्रद्धामय रहा, जहां उपस्थित लोगों ने स्व. दशरथ बेसरा के चित्र एवं आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में पोटका विधायक संजीव सरदार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वर्गीय दशरथ बेसरा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और सामाजिक योगदान को याद किया। ग्रामीणों ने भी उनके साथ बिताए गए अनुभवों और समाज के लिए किए गए कार्यों को साझा किया। सभा में लोगों की भारी उपस्थिति यह दर्शा रही थी कि स्व. बेसरा ने अपने जीवनकाल में समाज के बीच कितनी गहरी पहचान बनाई थी।
विधायक संजीव सरदार ने किया दशरथ बेसरा के योगदान का स्मरण
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक संजीव सरदार ने कहा कि स्वर्गीय दशरथ बेसरा का जीवन समाज सेवा, संघर्ष और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि दशरथ बेसरा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाले प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में सामाजिक एकता, जनकल्याण और संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किया।
विधायक ने कहा कि ऐसे लोगों का जीवन समाज के लिए आदर्श होता है। उनकी सोच, कार्यशैली और लोगों के प्रति समर्पण आज भी सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में दशरथ बेसरा की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।
संघर्ष और जनसेवा की मिसाल थे स्व. दशरथ बेसरा
सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय दशरथ बेसरा ने हमेशा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने अपने जीवन में कई सामाजिक मुद्दों पर संघर्ष किया और लोगों को संगठित कर समाज के विकास की दिशा में काम किया। उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में थी जो हर परिस्थिति में लोगों के साथ खड़े रहते थे। ग्रामीणों ने बताया कि दशरथ बेसरा का स्वभाव सरल और मिलनसार था। वे समाज के हर वर्ग के लोगों के साथ संवाद स्थापित करते थे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा प्रयासरत रहते थे। यही कारण है कि उनकी पहली पुण्यतिथि पर भी लोगों की बड़ी संख्या उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंची।
झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
कार्यक्रम में जमशेदपुर, पोटका और डुमरिया क्षेत्र के झामुमो नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी ने स्व. दशरथ बेसरा को याद करते हुए उनके सामाजिक योगदान की सराहना की। नेताओं ने कहा कि उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उनकी कार्यशैली से कार्यकर्ताओं को हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी। श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्व. बेसरा ने समाज और संगठन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य किया था। उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी, लेकिन उनके विचार और आदर्श लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
अधूरे सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित ग्रामीणों और नेताओं ने स्व. दशरथ बेसरा के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प भी लिया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने जिस समाज की कल्पना की थी, उसे साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। लोगों ने सामाजिक एकता, शिक्षा, विकास और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। सभा में मौजूद युवाओं ने भी कहा कि वे स्व. बेसरा के आदर्शों पर चलते हुए समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों की आंखें नम दिखीं और स्व. बेसरा से जुड़ी यादों ने माहौल को भावुक बना दिया।
समाज की अमिट धरोहर हैं स्व. दशरथ बेसरा की स्मृतियां
अपने संबोधन के अंतिम चरण में विधायक संजीव सरदार ने कहा कि समाज ऐसे महान व्यक्तित्वों के योगदान से ही आगे बढ़ता है। स्व. दशरथ बेसरा ने जिस समर्पण और निष्ठा के साथ समाज और संगठन की सेवा की, वह हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृतियां और उनके द्वारा किए गए कार्य समाज की अमूल्य धरोहर हैं। कार्यक्रम में सुदर्शन सरदार, हम्बीर मार्डी, सुधीर बेसरा, सुधीर सोरेन, भगत बास्के, मिर्जा सोरेन सहित झामुमो के कई नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि स्वर्गीय दशरथ बेसरा का जीवन समाज सेवा, संघर्ष और जनकल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक था, जिसे आने वाली पीढ़ियां लंबे समय तक याद रखेंगी।
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