युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रयास । इसके लिए आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा लगातार कोल्हान के विभिन्न जगहों पर सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का कर रहा आयोजन 


Chaibasa News: मनोहरपुर प्रखंड के दूबिल गांव में आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा की ओर से एक सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को समाज, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हुए उन्हें सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक बनाना था। स्थानीय प्रखंड कमिटी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से होती है। यदि युवा पीढ़ी इन परंपराओं से दूर हो जाएगी तो आने वाले समय में सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। इसलिए युवाओं को सामाजिक संगठनों से जुड़कर समाज के विकास और संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

पारंपरिक पर्वों और संस्कारों की जानकारी दी गई


जागरूकता कार्यक्रम में आदिवासी ‘हो’ समाज की विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों पर विस्तार से चर्चा की गई। युवाओं को मगे पर्व, बा पर्व, हेरोः पर्व तथा जोमनामा पर्व जैसे महत्वपूर्ण पारंपरिक आयोजनों के महत्व से अवगत कराया गया। इसके अलावा जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कार से जुड़े रीति-रिवाजों तथा सामाजिक परंपराओं की भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि इन परंपराओं का संरक्षण केवल बुजुर्गों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को भी इन्हें समझना और आगे बढ़ाना होगा। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही समाज की सांस्कृतिक पहचान मजबूत बनी रह सकती है।


गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने संस्कृति संरक्षण पर दिया जोर


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव Gabbarsingh Hembram ने आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में अपनी जड़ों से जुड़े रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों और युवाओं से अपील की कि वे अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में निहित है, जिसे सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डायन प्रथा और अंधविश्वास के खिलाफ चल रहा है अभियान


राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा समाज में फैली कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि National Adivasi Revival Association, Singi and Singi Society तथा Milan Charitable Trust जैसे संगठन सामाजिक सुधार के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इन संगठनों द्वारा डायन प्रथा, अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों तथा विभिन्न असामाजिक और असंवैधानिक गतिविधियों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित और जागरूक समाज ही इन बुराइयों को समाप्त कर सकता है। इसके लिए युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।


युवाओं से सामाजिक परिवर्तन के अभियान में जुड़ने की अपील


कार्यक्रम के अंत में युवाओं से सामाजिक जागरूकता अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि युवा संगठित होकर सामाजिक कार्यों में भाग लें, तो समाज में शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सुधार की गति और तेज हो सकती है। कार्यक्रम में धनसिंह चांपिया, मथुरा पुरती, मंगल चांपिया, कृष्णा तोपनो, माटु किम्बो, गुरा हेम्ब्रम, पीटर चांपिया, दर्शन चांपिया, गुरा मुर्मू, दुखिया आईन्द, विश्वजीत बिरूवा सहित अनेक ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने समाज की एकता, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक सुधार के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।