वन विभाग, एलीफेंट प्रोजेक्ट और गीता थिएटर के संयुक्त प्रयास से आयोजित कार्यक्रम में प्रकृति प्रेमियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने लिया भाग
Jamshedpur News:विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जमशेदपुर वन प्रमंडल एवं एलीफेंट प्रोजेक्ट, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में दलमा वन्यजीव अभयारण्य में विशेष नेचर वॉक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में गीता थिएटर, जमशेदपुर का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा और जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक करना था। दलमा की प्राकृतिक सुंदरता के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रकृति के साथ एक विशेष जुड़ाव का अनुभव किया।
प्रकृति के करीब पहुंचने का मिला अवसर
नेचर वॉक के दौरान प्रतिभागियों को दलमा वन्यजीव अभयारण्य की प्राकृतिक संपदा को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला। जंगल के शांत वातावरण में चलते हुए लोगों ने यहां पाई जाने वाली विभिन्न वनस्पतियों, औषधीय पौधों और वन्य जीवों के प्राकृतिक आवासों के बारे में जानकारी प्राप्त की। वन अधिकारियों ने प्रतिभागियों को बताया कि दलमा क्षेत्र झारखंड की महत्वपूर्ण जैव विविधता संपदाओं में से एक है, जहां हाथियों सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों का निवास है। इस अनुभव ने प्रतिभागियों को प्रकृति के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता का गहरा एहसास कराया।
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वन्यजीव संरक्षण की योजनाओं से कराया गया परिचित
कार्यक्रम के दौरान एलीफेंट प्रोजेक्ट और वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न संरक्षण गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि दलमा क्षेत्र में हाथियों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने तथा वन्यजीवों के सुरक्षित विचरण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रतिभागियों को बताया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
विद्यार्थियों और युवाओं ने दिखाई विशेष रुचि
नेचर वॉक में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्हें पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और जैव विविधता संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। छात्रों ने वन अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और जंगलों के संरक्षण से जुड़े पहलुओं को समझने का प्रयास किया। आयोजकों का मानना है कि युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित कर भविष्य में एक जिम्मेदार और प्रकृति-हितैषी समाज का निर्माण किया जा सकता है।
सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण, वनों की कटाई और प्रदूषण के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। वक्ताओं ने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर लौटे प्रतिभागी
नेचर वॉक के समापन पर प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि प्रकृति के बीच बिताया गया यह समय उनके लिए प्रेरणादायक रहा और इससे उन्हें पर्यावरण के महत्व को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला। आयोजकों ने भी भविष्य में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को जारी रखने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा सके। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह नेचर वॉक केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुई। दलमा की हरियाली और वन्यजीवों के बीच दिया गया यह संदेश स्पष्ट था कि पर्यावरण की रक्षा ही मानवता के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।
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