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जमशेदपुर में 15 माह से फटी पाइपलाइन: हजारों लीटर पानी बर्बाद, ग्रामीणों ने कार्रवाई की उठाई मांग

Jamshedpur News: जमशेदपुर के उत्तर-पूर्वी गदड़ा ग्राम पंचायत के बीच टोला क्षेत्र में पिछले लगभग 15 महीनों से मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन फटी हुई है। इस कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से पाइपलाइन से लगातार रिसाव हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग और एजेंसी की ओर से अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। यह समस्या केवल पानी की बर्बादी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे इलाके की जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे लोगों में प्रशासन और संबंधित एजेंसी के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।

घरों और बुनियादी ढांचे को हो रहा नुकसान


फटी पाइपलाइन का सबसे अधिक असर आसपास रहने वाले परिवारों पर पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार सालुकु बारदा के घर के पास पाइपलाइन में तेज रिसाव हो रहा है, जिससे आसपास की जमीन लगातार गीली बनी रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि रिसते पानी के कारण कई कच्चे मकानों की दीवारें कमजोर और क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। लगातार नमी रहने से घरों की मजबूती प्रभावित हो रही है और भविष्य में बड़े नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो कई परिवारों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

दूषित जलापूर्ति से स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा


ग्रामीणों की चिंता केवल पानी की बर्बादी नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी भी है। बरसात के मौसम में पाइपलाइन के रिसाव वाले हिस्से में बाहरी पानी मिल जाने की संभावना बढ़ जाती है। इससे दूषित जल की आपूर्ति होने लगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार गंदे पानी के उपयोग से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में ग्रामीणों ने इस मामले को जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

शिकायतों के बावजूद नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई


ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों में कई बार संबंधित विभाग और एजेंसी को शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरटीआई एक्टिविस्ट एवं आजसू पार्टी के जिला सचिव कृतिवास मंडल ने कहा कि मामले की शिकायत पीएमओ तक भी पहुंचाई गई है। समाचार प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार एजेंसी की ओर से मरम्मत का आश्वासन दिया गया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 12 दिनों से केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है और वास्तविक कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, 24 घंटे में समाधान का आश्वासन


समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कृतिवास मंडल के नेतृत्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुमित कुमार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब इस मामले को और अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जा सकता। ज्ञापन मिलने के बाद बीडीओ ने ग्रामीणों को 24 घंटे के भीतर पाइपलाइन की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से दिए गए इस आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों को कुछ उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन वे अब वास्तविक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

समय पर समाधान नहीं हुआ तो होगा जन आंदोलन


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हुई तो वे जन आंदोलन शुरू करेंगे। स्थानीय निवासी लक्ष्मी बारदा ने कहा कि अब लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है और यदि समस्या बनी रही तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान निलिमा बारदा, अनीता हेंब्रम, सोमवारी बारदा, सुमन सोय, लेडी समद, सोना समद, पिंकी पूर्ति, सुमित समद, सोना रानी हेंब्रम, शुभु बोडरा, मधु कुंकल, अजय कुमार मंडल समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से जल संकट का स्थायी समाधान करने की मांग की है।


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