Jamshedpur News: विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत मध्य घाघीडीह में एक प्रेरणादायक और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं के बीच माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाना, मिथकों को दूर करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम का आयोजन आदर्श सेवा संस्था जमशेदपुर एवं पंचायत के मुखिया सुनील किस्कू के सौजन्य से किया गया। इस अवसर पर पश्चिम बागबेड़ा पंचायत, दक्षिण बागबेड़ा पंचायत और मध्य घाघीडीह पंचायत की लगभग 70 किशोरियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सही खानपान अपनाने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आयोजन का माहौल पूरी तरह सकारात्मक, उत्साहपूर्ण और शिक्षाप्रद रहा।


किशोरियों को दी गई स्वास्थ्य और स्वच्छता की महत्वपूर्ण जानकारी

कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य सहियाओं और संस्था के सदस्यों ने किशोरियों को माहवारी के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों के बारे में सरल भाषा में समझाया। उन्हें बताया गया कि माहवारी कोई बीमारी नहीं, बल्कि महिलाओं की प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर समाज में खुलकर बातचीत होनी चाहिए। विशेषज्ञों ने किशोरियों को यह भी जानकारी दी कि माहवारी के दौरान साफ-सफाई रखना क्यों जरूरी है। समय-समय पर सेनेटरी पैड बदलना, साफ पानी का उपयोग करना और पौष्टिक भोजन लेना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इस पर विस्तार से चर्चा की गई। कई किशोरियों ने कार्यक्रम के दौरान खुलकर अपने सवाल पूछे, जिनका जवाब स्वास्थ्य कर्मियों ने बेहद सहज और सकारात्मक तरीके से दिया। इससे किशोरियों के मन में मौजूद झिझक और डर काफी हद तक दूर हुआ। कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को आत्मविश्वास के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।


पौष्टिक आहार और सेनेटरी पैड वितरण से बढ़ा उत्साह

कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि किशोरियों को केवल जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पौष्टिक आहार भी वितरित किया गया। आयोजकों ने बताया कि माहवारी के दौरान शरीर को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है, इसलिए संतुलित और पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी है। इसके साथ ही सभी किशोरियों के बीच सेनेटरी पैड का वितरण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार आर्थिक और सामाजिक कारणों से किशोरियां सुरक्षित स्वच्छता उत्पादों का उपयोग नहीं कर पाती हैं। ऐसे में यह पहल उनके स्वास्थ्य और सम्मान दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुई। किशोरियों ने इस पहल के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम गांवों में लगातार होने चाहिए, ताकि लड़कियां बिना झिझक अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सकें।

पंचायत प्रतिनिधियों और संस्था की सराहनीय पहल

इस जागरूकता अभियान में दक्षिण बागबेड़ा पंचायत की मुखिया श्रीमती धनमानी मार्डी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने किशोरियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में बेटियों को शिक्षित और जागरूक बनाना समाज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता पर खुलकर चर्चा होना ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव की निशानी है। कार्यक्रम को सफल बनाने में आदर्श सेवा संस्था जमशेदपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था के तपन जी, रोहित जी, लखी जी, भूषण जी एवं अन्य स्टाफ सदस्यों ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली और किशोरियों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाई। संस्था के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर स्थायी बदलाव लाना है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते हैं।


ग्रामीण क्षेत्र में बदल रही सोच, बेटियां हो रही जागरूक

मध्य घाघीडीह पंचायत में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी माहवारी स्वच्छता को लेकर लोगों की सोच बदल रही है। पहले जिन विषयों पर खुलकर चर्चा नहीं होती थी, आज उन्हीं विषयों पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। किशोरियों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को गंभीरता से सुना। इससे यह स्पष्ट हुआ कि नई पीढ़ी अपनी सेहत और स्वच्छता को लेकर पहले से अधिक जागरूक हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं और किशोरियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जीने की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। सामाजिक बदलाव की यह सकारात्मक तस्वीर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।

समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का मजबूत संदेश था। इससे यह साबित हुआ कि जब पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाएं और स्वास्थ्य कर्मी मिलकर काम करते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाना महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है। इस दिशा में मध्य घाघीडीह पंचायत की यह पहल निश्चित रूप से अन्य पंचायतों और गांवों के लिए प्रेरणा बनेगी।