Jamshedpur News: साकची में अमेरिका व इजराइल की युद्ध नीति के खिलाफ प्रदर्शन

 Jamshedpur News: साकची गोलचक्कर पर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन और नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। 'साझा नागरिक मंच' के बैनर तले आयोजित इस सभा में भारी संख्या में शहर के प्रबुद्ध नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता जुटे। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल द्वारा छेड़े गए युद्ध और उनकी विस्तारवादी नीतियों का कड़ा विरोध करना था। उपस्थित लोगों ने विश्व शांति की अपील की और साम्राज्यवादी ताकतों के खिलाफ नारेबाजी की।




ईरान पर हमले के पीछे तेल का खेल और वर्चस्व की जंग
नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष केवल दो देशों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जे की एक बड़ी साजिश है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ईरान ही एकमात्र ऐसा देश है जो खाड़ी देशों के विशाल तेल भंडार और 'हरमुज स्ट्रेट' जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर अमेरिकी एकाधिकार के सामने मजबूती से खड़ा रहा है। अमेरिका और इजराइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और वहां के आंतरिक जन-असंतोष को बहाना बनाकर उसे अस्थिर करने की कोशिश कर रहे थे, जिसका नतीजा हालिया हमलों के रूप में सामने आया है।


अमेरिका के अंदर भी ट्रंप सरकार का विरोध
सभा में जानकारी दी गई कि युद्ध की इस विभीषिका का असर केवल सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि खुद अमेरिका के अंदर भी इसके खिलाफ बड़ी लहर उठ रही है। वक्ताओं ने बताया कि अमेरिका में लगभग 90 लाख लोगों ने ट्रंप सरकार की युद्धप्रेमी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया है। इतना ही नहीं, नाटो (NATO) के कई सदस्य देशों ने भी इस युद्ध में अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि दुनिया अब विनाशकारी युद्ध के बजाय शांति और कूटनीति चाहती है। वक्ताओं ने चिंता जताई कि युद्धविराम के लिए चल रही बातचीत के बीच अमेरिका द्वारा हरमुज स्ट्रेट की नाकेबंदी करना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।


आम जनता पर महंगाई की मार, गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रहा
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक स्तर पर हो रहे इन युद्धों का सीधा असर आम नागरिक की जेब पर पड़ रहा है। मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे पूरी दुनिया में गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। वक्ताओं ने सीधे तौर पर ट्रंप प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों की वजह से आम आदमी को दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। युद्ध केवल जान-माल का नुकसान नहीं करता, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग के निवाले पर भी हमला करता है।


वैश्विक शांति के पक्ष में खड़े होने का आह्वान
साझा नागरिक मंच ने जमशेदपुर की जनता से आह्वान किया कि वे वैश्विक शांति के पक्ष में खड़े हों। सभा का निष्कर्ष यह था कि जब तक दुनिया भर के नागरिक एकजुट होकर युद्ध के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक शक्तिशाली देश अपने स्वार्थ के लिए निर्दोष लोगों की बलि चढ़ाते रहेंगे। इस सभा में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से सियाशरण शर्मा, मंथन, जगत, उजागिर यादव, मनोहर मंडल, व्यास तिवारी, शाहिद खान और मुरारी प्रसाद शामिल थे। साथ ही सुजय राय, राम कवीन्द्र सिंह, निधि, राजश्री, मधु सिंह, सुमित राय और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति से शांति के इस संदेश को मजबूती प्रदान की।