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Jamshedpur News: ट्रांसजेंडर बिल 2026 के विरोध में किन्नर समुदाय का जोरदार प्रदर्शन, सरकार से की पुनर्विचार की मांग

Jamshedpur News: सोमवार को जमशेदपुर में ट्रांसजेंडर (किन्नर) समुदाय ने प्रस्तावित ट्रांसजेंडर बिल 2026 के विरोध में साकची स्थित जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित समुदाय के लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरम रहा और प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से सामने रखा। किन्नर समुदाय के लोगों ने कहा कि यह बिल उनके अधिकारों और पहचान के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाए और बिना उनकी सहमति के कोई भी कानून लागू न किया जाए।

प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने ट्रांसजेंडर बिल 2026 पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि यह बिल समुदाय के हितों के खिलाफ है और इससे उनके सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार को इस मुद्दे पर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए, बल्कि समुदाय के साथ संवाद स्थापित कर सहमति बनानी चाहिए।

समुदाय की भावना के खिलाफ है बिल’

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित ट्रांसजेंडर बिल 2026 उनके समुदाय की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि यह बिल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की स्वतंत्रता और आत्म-पहचान के अधिकार को सीमित कर सकता है। समुदाय के सदस्यों ने कहा कि वे वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस तरह का कोई भी कानून उनके संघर्ष को कमजोर कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को किसी भी नीति को लागू करने से पहले प्रभावित वर्ग की राय लेना अनिवार्य होना चाहिए।

नालसा फैसले का दिया गया हवाला

प्रदर्शन के दौरान समुदाय के प्रतिनिधियों ने वर्ष 2014 के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक ‘नालसा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया’ फैसले का हवाला दिया। इस फैसले में ट्रांसजेंडर समुदाय को ‘तृतीय लिंग’ के रूप में मान्यता दी गई थी और उन्हें समान अधिकार देने की बात कही गई थी। किन्नर समुदाय का कहना है कि वर्तमान प्रस्तावित बिल उस ऐतिहासिक निर्णय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यदि इस बिल को लागू किया गया, तो यह उनके संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।

संवाद और सहमति की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

प्रदर्शन के अंत में किन्नर समुदाय ने स्पष्ट रूप से अपनी मांग रखी कि ट्रांसजेंडर बिल 2026 को लागू करने से पहले सरकार उनके साथ संवाद करे। उन्होंने कहा कि बिना समुदाय की सहमति के बनाया गया कोई भी कानून व्यावहारिक रूप से सफल नहीं हो सकता। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे आगे भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

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