Jamshedpur News : जनांदोलन एकजुटता मंच के बैनर तले शनिवार को साकची गोलचक्कर स्थित बिरसा चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जनसभा आयोजित कर SIR को रद्द करने, मतदाता सूची से हटाये गये नामों को पुन: जोड़ने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठायी गयी। प्रदर्शनकारियों ने पर्चे बांटकर लोगों को अभियान के उद्देश्य और अपनी मांगों के बारे में जानकारी दी।
ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग
जनसभा में वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त करने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। रईस अफरीदी, शाहिद, सुखचंद्र झा, अर्पिता, बैद्यनाथ प्रसाद, जगधर मंडल, देवाशीष मुखर्जी, जगत और सोहन महतो समेत कई वक्ताओं ने सभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाये गये हैं, उनके नाम दोबारा जोड़े जाने चाहिए। साथ ही सही और अद्यतन मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग की गयी। मंच की ओर से चुनाव आयोग की चयन समिति में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग भी उठायी गयी, ताकि आयोग की स्वतंत्रता को मजबूत किया जा सके।
झारखंड में नोटिस से बढ़ी परेशानी का दावा
कार्यक्रम के दौरान बांटे गये पर्चे में दावा किया गया कि SIR के तहत देशभर में बड़ी संख्या में मतदाता प्रभावित हुए हैं। झारखंड में भी मैपिंग और तार्किक विसंगति के नाम पर लाखों मतदाताओं को नोटिस जारी किये जाने की बात कही गयी। मंच ने दावा किया कि इससे आदिवासी, मूलवासी, दलित, वंचित, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को परेशानी हो रही है। पर्चे में नये सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाये गये और आरोप लगाया गया कि इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का आह्वान
सभा का संचालन मंथन, सुमित राय, सुजय राय और डेमका सोय ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सियाशरण शर्मा, राजश्री, लिलि शर्मा, रामकवीन्द्र सिंह, गणेश राम, रबीन्द्र प्रसाद, गौतम बोस, सपन दासगुप्ता, अंकुर शाश्वत, मो. शाहिद, अशोक शुभदर्शी, जयकिशोर, अजय मेहताब, मनोज गुप्ता, सुखवंत सिंह, विकास कुमार और उजागिर यादव समेत अन्य लोगों की भूमिका रही। अंत में मंच ने लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोगों से एकजुट होकर आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया।
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