माता जावारानी की विधि-विधान से होगी सेवा-अर्चना

Jamshedpur News : सीतारामडेरा स्थित आदिवासी उरांव समाज भवन प्रांगण में करम पर्व की पूर्व संध्या पर सोमवार को भव्य जावा जागरण संध्या का आयोजन किया जा रहा है. लोक आस्था, प्रकृति पूजा और सांस्कृतिक धरोहर के इस महापर्व को लेकर पूरे उरांव समाज और स्थानीय श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह व उमंग देखने को मिल रहा है.धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत जावारानी की विशेष पूजा-अर्चना के साथ होगी. करम पर्व का व्रत रख रहीं युवतियां पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए माता जावारानी के समक्ष धूप, दीप, फूल और अक्षत अर्पित कर विधि-विधान से आराधना करेंगी. निष्ठा और भक्ति भाव से ओत-प्रोत इस अनुष्ठान में युवतियां निर्जला रहकर प्रकृति स्वरूप माता जावारानी से अपने परिवार, सगे-संबंधियों और संपूर्ण समाज के आरोग्य, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना करेंगी. साथ ही, कृषि प्रधान संस्कृति के प्रतीक इस पर्व में बेहतर फसल और हरी-भरी धरा की प्रार्थना की जाएगी.

मांदर और नगाड़े की थाप पर थिरकेगा पूरा प्रांगण
पूजा-अर्चना के बाद प्रांगण में वृहद सांस्कृतिक संध्या का आगाज होगा. पारंपरिक वाद्ययंत्रों-मांदर, ढाक और नगाड़ों की गूंज से पूरा माहौल गुंजायमान हो उठेगा. पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी युवतियां और महिलाएं एक-दूसरे का हाथ थामकर गोल घेरा बनाएंगी और ढोल-मांदर की थाप पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत करेंगी. जावा को जगाने (जावा जागरण) की इस पौराणिक परंपरा में गीतों के बोल और मांदर की ताल पर देर रात तक झूमने का दौर जारी रहेगा.

सभ्यता और संस्कृति को सहेजने का साझा प्रयास
जावा जागरण संध्या केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोक-कला से जोड़े रखने का एक सशक्त माध्यम है. प्रकृति और मानव के घनिष्ठ संबंध को दर्शाने वाला यह पर्व समाज में भातृत्व, एकता और समरसता का संदेश देता है. कार्यक्रम में सीतारामडेरा एवं आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है. आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उरांव समाज के युवा और बुजुर्ग पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटे हुए हैं. जावा जागरण संध्या में बस्ती के बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस सांस्कृतिक महागम का हिस्सा बनेंगे और एक-दूसरे को करम पर्व की शुभकामनाएं देंगे.

करम राजा का घर-आंगन में आगमन कल, देंगे आशीष 
जावा जागरण संध्या के भव्य अनुष्ठान के बाद कल करम पर्व के मुख्य दिन करम राजा का घर-आंगन में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ आगमन होगा. प्रकृति पूजा के इस पावन अवसर पर श्रद्धालु पूरे विधि-विधान और भक्ति भाव से करम राजा (करम की डाल) को लाकर अपने पूजा स्थल व आंगन में प्रतिष्ठित करेंगे. उपवास रख रहीं युवतियां तथा समाज के सभी लोग करम राजा की कथा सुनेंगे और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, निरोगी काया, अच्छी फसल एवं समाज की खुशहाली की कामना करेंगे. पारंपरिक मांदर की थाप, लोकगीतों और सामूहिक नृत्य के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय तथा उल्लासपूर्ण बना रहेगा.