साकची में राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस पर समारोह, पुस्तकालयों को बताया ज्ञान और व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र

Jamshedpur News : साकची स्थित दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी में बुधवार को राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस के अवसर पर समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर आयुक्त योगेंद्र प्रसाद ने की। समारोह में पुस्तकालयों के महत्व, पठन संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को नियमित अध्ययन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि पुस्तकालय केवल किताबें पढ़ने की जगह नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। बदलते डिजिटल दौर में भी पुस्तकों और पुस्तकालयों की उपयोगिता बनी हुई है।

पुस्तकालय ज्ञान और व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र

समारोह को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पुस्तकालय समाज में ज्ञान के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विद्यार्थियों और युवाओं के लिए पुस्तकालय ऐसा स्थान है, जहां उन्हें विभिन्न विषयों की पुस्तकों के साथ अध्ययन का बेहतर वातावरण मिलता है। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से पुस्तकालय जाने और किताबें पढ़ने की आदत विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यापक बनाने के साथ उनके व्यक्तित्व के विकास में भी सहायक होती है। उन्होंने युवाओं से पुस्तकालयों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।

डिजिटल युग में भी किताबों की उपयोगिता बरकरार

नगर आयुक्त ने कहा कि आज का दौर डिजिटल तकनीक का है। मोबाइल फोन और इंटरनेट के माध्यम से लोगों को कुछ ही समय में बड़ी मात्रा में जानकारी उपलब्ध हो जाती है, लेकिन इसके बावजूद पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। पुस्तकें किसी विषय को गहराई से समझने और अध्ययन की एकाग्रता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने युवाओं से डिजिटल माध्यमों के साथ पुस्तकों को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। समारोह में पठन संस्कृति को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

पुस्तकालयों के विकास और पाठक सुविधाओं पर चर्चा

राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में पुस्तकालयों के विकास को लेकर विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें पुस्तकालयों में पाठकों की सुविधाओं का विस्तार, नई पुस्तकों की उपलब्धता और आधुनिक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय के साथ पुस्तकालयों को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की जरूरत है, ताकि विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और अन्य पाठकों को बेहतर अध्ययन का माहौल मिल सके। पुस्तकालयों में उपयोगी और समसामयिक पुस्तकों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

पुस्तकालयाध्यक्षों और कर्मियों के योगदान की सराहना

समारोह के दौरान पुस्तकालयाध्यक्षों और पुस्तकालय कर्मियों के योगदान की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि पाठकों को बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने में पुस्तकालयाध्यक्षों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनके प्रयासों से पुस्तकालयों में पठन-पाठन का बेहतर वातावरण तैयार होता है और लोगों में किताबों के प्रति रुचि विकसित होती है। कार्यक्रम में पठन संस्कृति को बढ़ावा देने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों और युवाओं को पुस्तकालयों से जोड़ने का आह्वान किया गया। समारोह में संबंधित पदाधिकारी, पुस्तकालय कर्मी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी उपस्थित रहे।