Jamshedpur News : गोलमुरी-सह-जुगसलाई अंचल के सारजामदा मौजा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के प्रयास का मामला सामने आया है। 5.5 एकड़ सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के प्रयास को लेकर बुधवार को जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल अंचल कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सरकारी जमीन की सुरक्षा, सीमांकन कराने और अतिक्रमण के प्रयास के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद ग्रामीणों ने परसुडीह थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को भी ज्ञापन सौंपा।
5.5 एकड़ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप
ग्रामीणों और एवर ग्रीन लवर्स सोसाइटी ट्रस्ट की ओर से दिए गए आवेदन के अनुसार सारजामदा मौजा स्थित खाता संख्या 479 और प्लॉट नंबर 2389 में करीब 5.5 एकड़ सरकारी भूमि है। सोसाइटी का दावा है कि पिछले करीब 57 वर्षों से इस जमीन का उपयोग सार्वजनिक हित के कार्यों, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, खेलकूद और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों के लिए किया जाता रहा है। सोसाइटी के अनुसार जमीन की देखरेख भी उसके स्तर से की जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक उपयोग में आ रही इस सरकारी भूमि की स्थिति स्पष्ट करते हुए उसे अतिक्रमण से सुरक्षित रखा जाए।
ट्रैक्टर से जमीन जोतने और बोर्ड हटाने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 5 अगस्त 2026 को तुपुडांग निवासी साधु भूमिज ने उक्त जमीन को अपना बताते हुए ट्रैक्टर से हल जोतकर जमीन पर कब्जे का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान सरकारी जमीन से संबंधित चिन्हित बोर्ड को भी उखाड़कर फेंक दिया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन की वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों और स्थल जांच के आधार पर स्पष्ट की जानी चाहिए।
सीओ से सीमांकन और सरकारी जमीन की सुरक्षा की मांग
ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने अंचल कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की। आवेदन के साथ भूमि से संबंधित नक्शा, खतियान और अंचल अधिकारी द्वारा सीमांकन के लिए जारी नोटिस की प्रतियां भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने मांग की कि राजस्व विभाग की टीम द्वारा जमीन का विधिवत सीमांकन कराया जाए, ताकि सरकारी भूमि की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। साथ ही अतिक्रमण के किसी भी प्रयास को तत्काल रोके जाने और जमीन पर दोबारा किसी तरह का कब्जा नहीं होने देने की मांग की गई।
परसुडीह थाना में भी सौंपा गया ज्ञापन
अंचल कार्यालय के बाद ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल परसुडीह थाना पहुंचा। यहां थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के प्रयास की जांच कराने और दोषी व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी व्यक्ति द्वारा निजी स्वामित्व का दावा कर कब्जा करने का प्रयास किया जाता है तो प्रशासन को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए। उनका कहना है कि मामले में राजस्व दस्तावेजों की जांच के साथ स्थल निरीक्षण भी जरूरी है, जिससे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सार्वजनिक उपयोग की जमीन बचाने की ग्रामीणों की मांग
प्रतिनिधिमंडल में एवर ग्रीन लवर्स सोसाइटी के अध्यक्ष बुद्धेश्वर मुर्मू, महासचिव गोपाल किस्कू, उपाध्यक्ष दास बेसरा, जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, मुखिया नागी मुर्मू, माझी बाबा निमय बास्के, भगत मुर्मू समेत कई ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से सार्वजनिक गतिविधियों में उपयोग हो रही सरकारी जमीन को किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जमीन का सीमांकन कराकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और अतिक्रमण का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और सार्वजनिक उपयोग को बनाए रखने के लिए वे प्रशासन के समक्ष लगातार अपनी मांग रखते रहेंगे।
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