मनपीटा में हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का ग्रामीणों ने किया विरोध, ग्रामसभा की सहमति के बिना निर्माण रोकने की मांग

Jamshedpur News : जमशेदपुर प्रखंड की हुरलुंग पंचायत अंतर्गत मनपीटा गांव में निर्माणाधीन हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर को लेकर ग्रामीणों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है. रविवार को मनपीटा गांव में ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्रामसभा का आयोजन किया. ग्रामसभा में निर्माणाधीन हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर के कार्य को लेकर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया और जिला प्रशासन से तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की. ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि ग्रामसभा की सहमति के बिना गांव में किसी भी प्रकार की परियोजना का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा.

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने जताया कड़ा विरोध

मनपीटा में आयोजित ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. बैठक के दौरान हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति दर्ज करायी. ग्रामीणों का कहना था कि परियोजना के निर्माण से संबंधित कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ग्रामसभा से चर्चा और सहमति नहीं ली गयी है. ऐसे में बिना ग्रामीणों की सहमति के निर्माण कार्य जारी रखना उचित नहीं है. ग्रामीणों ने कहा कि गांव की जमीन, प्राकृतिक संसाधन और स्थानीय हितों से जुड़े किसी भी निर्णय में ग्रामसभा की भूमिका महत्वपूर्ण है. इसलिए प्रशासन और संबंधित विभाग को पहले ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी आपत्तियों और समस्याओं को सुनना चाहिए. इसके बाद ही किसी परियोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए. ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि जब तक ग्रामसभा की सहमति और संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं होता, तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगायी जानी चाहिए.

पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची की अनदेखी का आरोप

ग्रामसभा में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 24 अगस्त से हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कार्य बिना पूर्व सूचना और ग्रामसभा की अनुमति के दोबारा शुरू कर दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि मनपीटा क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और यहां पेसा कानून के प्रावधान लागू होते हैं. ग्रामीणों ने दावा किया कि अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों के अधिकारों और ग्रामसभा की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है. ऐसे में गांव से संबंधित किसी महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर ग्रामसभा की भागीदारी और सहमति की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर जांच करायी जाये. साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाये कि परियोजना के निर्माण से पहले ग्रामसभा से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है या नहीं.

2023 में भी हुआ था विरोध, आश्वासन के बाद रुका था काम

ग्रामीणों ने ग्रामसभा में बताया कि मनपीटा में हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर को लेकर पहली बार विरोध नहीं हो रहा है. वर्ष 2023 में भी परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया था. उस समय ग्रामीणों ने निर्माण का जोरदार विरोध किया था. ग्रामीणों के अनुसार विरोध के बाद निर्माण कार्य को स्थगित कर दिया गया था. ग्रामीणों का कहना है कि उस समय तत्कालीन उपायुक्त की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उक्त स्थान पर हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण नहीं कराया जायेगा. इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध समाप्त किया था. अब करीब तीन वर्ष बाद उसी स्थान पर निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से पहले ही इस स्थान पर निर्माण नहीं कराने का आश्वासन दिया गया था, तो फिर बिना ग्रामीणों को विश्वास में लिये काम दोबारा कैसे शुरू किया गया.

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और निर्माण रोकने की मांग

ग्रामसभा के माध्यम से ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभाग द्वारा ग्रामसभा की सहमति ली गयी थी या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए. ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती और ग्रामसभा की आपत्तियों का समाधान नहीं होता, तब तक हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाये. ग्रामसभा में ग्रामीणों ने कहा कि उनका विरोध किसी विकास कार्य के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन चाहते हैं. उनका कहना है कि विकास परियोजनाओं में स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी और उनके अधिकारों का सम्मान होना आवश्यक है.

रोक नहीं लगी तो लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगायी गयी, तो वे अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे. ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जायेगी. ग्रामसभा में ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की. साथ ही पेसा कानून और संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत ग्रामसभा को प्राप्त अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की अपील की. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पहले ग्रामसभा के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए और ग्रामीणों की आपत्तियों का समाधान करना चाहिए. इसके बाद ही परियोजना को लेकर कोई निर्णय लिया जाये. फिलहाल हेवी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण को लेकर मनपीटा गांव में ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता नजर आ रहा है.