केरुआडूंगरी पंचायत में बीबीआइसी के नये शिक्षा केंद्र का उद्घाटन, गांवों में अशिक्षा दूर करने की मुहिम तेज

Jamshedpur News : ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने और आर्थिक व भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाने वाले बच्चों के बीच शिक्षा की अलख जगाने की दिशा में ब्रिंग बैक इंडियन कल्चर (बीबीआइसी) फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है. संस्था की ओर से सुंदरनगर क्षेत्र के केरुआडूंगरी पंचायत भवन में शैक्षणिक सामग्री वितरण सह नये शिक्षा केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण बच्चों के बीच पुस्तकें, नोटबुक समेत अन्य आवश्यक अध्ययन सामग्री का वितरण किया गया. शिक्षा केंद्र शुरू होने से पंचायत क्षेत्र के बच्चों को अपने गांव के आसपास ही पढ़ाई का बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है.

ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल

बीबीआइसी फाउंडेशन की ओर से शुरू किये गये इस शिक्षा केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जो विभिन्न कारणों से नियमित स्कूलिंग या अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग से वंचित रह जाते हैं. संस्था का मानना है कि ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को मजबूत किया जा सकता है. कार्यक्रम में बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध करायी गयी, जिससे उनमें शिक्षा के प्रति रुचि और उत्साह बढ़े. शैक्षणिक सामग्री वितरण के दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली. अभिभावकों ने भी संस्था की इस पहल की सराहना की. ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा केंद्र खुलने से बच्चों को नियमित अध्ययन के साथ अपनी शैक्षणिक क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा. संस्था की ओर से आने वाले समय में शिक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बतायी गयी.

पंचायत स्तर पर शिक्षा का विस्तार जरूरी : कान्हू मुर्मू

कार्यक्रम में मौजूद केरुआडूंगरी पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू ने बीबीआइसी फाउंडेशन के प्रयास की सराहना की. उन्होंने कहा कि ग्रामीण बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव शिक्षा से ही मजबूत हो सकती है. गांवों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए पंचायत और सामाजिक संस्थाओं के बीच समन्वय जरूरी है. उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की यह पहल सराहनीय है. सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि आर्थिक या अन्य किसी कारण से कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे. पंचायत की ओर से भी बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहयोग का प्रयास किया जायेगा.

1 सितंबर से शुरू होंगी नियमित कक्षाएं

बीबीआइसी फाउंडेशन की फाउंडर डायरेक्टर पम्मी राय ने बताया कि केरुआडूंगरी पंचायत भवन में शुरू किये गये नये शिक्षा केंद्र में 1 सितंबर 2026 से नियमित कक्षाएं संचालित होंगी. बच्चों की जरूरत और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा केंद्र में पढ़ाई का वातावरण तैयार किया जायेगा. संस्था का उद्देश्य केवल बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करना भी है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का विस्तार संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है. बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में बेहतर अवसरों का लाभ उठा सकेंगे. शिक्षा केंद्र के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों के बीच शिक्षा के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास किया जायेगा.

6 सितंबर को तीन और गांवों में खुलेंगे शिक्षा केंद्र

पम्मी राय ने बताया कि शिक्षा के इस अभियान को पंचायत के अन्य गांवों तक भी पहुंचाया जायेगा. 6 सितंबर 2026 को पंचायत क्षेत्र के तीन अन्य गांवों में नये शिक्षा केंद्रों का उद्घाटन किया जायेगा. इन केंद्रों के शुरू होने के बाद अधिक संख्या में ग्रामीण बच्चों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. कार्यक्रम में बीबीआइसी की को-फाउंडर केके राय, प्रतीक्षा राय, अनीता मुंडा, सानिया, कॉर्डिनेटर प्रेम रंजन, माझी बाबा शंकर राम बेसरा, अहला हांसदा, उदय कुमार हेंब्रम और शिक्षिका सीमा बेसरा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.