जमशेदपुर में आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने पर जोर, सेविका-सहायिका चयन पूरा करने का निर्देश

Jamshedpur News : जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को बेहतर करने और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाने को लेकर समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राजीव रंजन ने की। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, सेविका-सहायिका के रिक्त पद, बच्चों की उपस्थिति, पोषण ट्रैकर पर ऑनलाइन जानकारी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और बच्चों के आधार पंजीकरण समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने और योजनाओं की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने खास तौर पर कहा कि योजनाओं का लाभ उन लोगों तक जरूर पहुंचे, जो इसके पात्र हैं।

15 अगस्त से पहले सेविका-सहायिका के पद भरने का निर्देश

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में खाली पड़े सेविका और सहायिका के पदों को लेकर उपायुक्त ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने जिले की सभी बाल विकास परियोजनाओं में रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया 15 अगस्त से पहले पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का काम सेविका और सहायिका की उपलब्धता से सीधे जुड़ा है। पद खाली रहने से बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं पर असर पड़ सकता है। इसलिए चयन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।

अधूरे काम पूरे कर आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर बनाने पर जोर

समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन और बुनियादी सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण पूरा हो चुका है, उनका जल्द हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए कार्यपालक अभियंता को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि भवन बन जाने के बाद उसका उपयोग शुरू होना जरूरी है, ताकि बच्चों और लाभुकों को बेहतर सुविधा मिल सके। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्षा जल संचयन से जुड़े कार्यों को भी जल्द पूरा कराने को कहा गया। केंद्रों में बिजली कनेक्शन की व्यवस्था के लिए संबंधित कार्यपालक अभियंता से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को दिया गया।

पोषण ट्रैकर पर रोजाना दर्ज करनी होगी जानकारी

आंगनबाड़ी केंद्रों में होने वाली गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी को लेकर भी उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर पर केंद्र के प्रतिदिन खुलने, बच्चों की उपस्थिति और गर्म पका भोजन वितरण की जानकारी रोजाना दर्ज की जानी चाहिए। महिला पर्यवेक्षिकाओं को इसकी नियमित निगरानी करने को कहा गया। ऑनलाइन प्रविष्टि के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि केंद्र नियमित रूप से खुल रहा है या नहीं और बच्चों को निर्धारित सेवाएं मिल रही हैं या नहीं। उपायुक्त ने इस काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रिकॉर्ड भी विभागीय निगरानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसे समय पर अपडेट किया जाए।

मातृ वंदना योजना में सभी पात्र महिलाओं का पंजीकरण

बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि योजना के तहत शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं से कहा कि क्षेत्र में पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने का काम गंभीरता से करें। कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि लाभुकों को योजना की जानकारी देकर पंजीकरण और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं तक सरकारी सहायता पहुंचाना है, इसलिए मैदानी स्तर पर इसकी लगातार निगरानी जरूरी है।

पांच साल तक के बच्चों का आधार पंजीकरण भी होगा सुनिश्चित

बैठक में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के आधार पंजीकरण और आधार में जरूरी अपडेट की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन बच्चों का आधार अभी तक नहीं बना है या जिनके आधार में अपडेट की जरूरत है, उन्हें आधार शिविर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी स्तर पर अभिभावकों को जानकारी देने और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को विभागीय योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े काम की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित रहीं।