विकसित भारत-G RAM G योजना को लेकर जमशेदपुर में 15 अगस्त से पहले कर्मियों को प्रशिक्षण का निर्देश

Jamshedpur News : विकसित भारत-G RAM G योजना को जमीन पर बेहतर तरीके से लागू करने और गांवों में विकास योजनाओं की सही तरीके से तैयारी करने को लेकर बुधवार को समाहरणालय में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने किया। इसमें प्रखंड और पंचायत स्तर पर योजना से जुड़े काम करने वाले अधिकारियों और कर्मियों को योजना के अलग-अलग प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि गांव की जरूरत के हिसाब से योजनाओं का चयन कैसे किया जाए और उन्हें समय पर पूरा कराने के लिए किस तरह की तैयारी जरूरी है। कार्यशाला में योजना के तहत शामिल 318 तरह की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

गांव की जरूरत के हिसाब से बनेगी विकास योजना

कार्यशाला में बताया गया कि विकसित भारत-G RAM G योजना के तहत गांवों के विकास के लिए योजनाएं तैयार करते समय स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देनी होगी। इसका मतलब है कि किसी पंचायत में सड़क की जरूरत है तो उसे प्राथमिकता दी जाए, वहीं दूसरी पंचायत में पेयजल, सिंचाई, रोजगार या दूसरी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत हो सकती है। ऐसी जरूरतों को समझकर योजनाओं को तैयार करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि योजना बनाने से पहले पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय समस्याओं को समझना जरूरी है। इससे योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पंचायतों में तैयार होगा Viksit Gram Panchayat Plan

कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Viksit Gram Panchayat Plan यानी VGPP को लेकर था। पंचायत स्तर पर किस तरह विकास योजना तैयार करनी है, इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि पंचायत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग योजनाओं का चयन किया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर उपलब्ध जानकारी को व्यवस्थित तरीके से तैयार करना होगा। योजना बनाते समय यह भी देखा जाएगा कि कौन सा काम पहले जरूरी है और किस योजना से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा। इस तरह तैयार की गई योजना के आधार पर पंचायत में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

GIS और AI तकनीक से योजना बनाने की जानकारी

अब गांवों की विकास योजनाएं तैयार करने में तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मियों को GIS और AI तकनीक के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि तकनीक की मदद से किसी क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझने और जरूरत के अनुसार योजनाओं का चयन करने में आसानी होगी। इसके अलावा Yuktdhara Portal के माध्यम से योजनाओं की प्लानिंग और चयन की प्रक्रिया के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि तकनीक का सही इस्तेमाल होने से योजनाओं को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जा सकता है और काम की निगरानी में भी मदद मिलेगी।

भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी दिया गया प्रशिक्षण

कार्यशाला में योजनाओं के लिए होने वाले भुगतान की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को SNA-SPARSH और DBT-SPARSH के माध्यम से भुगतान किए जाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में भुगतान की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए संबंधित कर्मियों को इसकी प्रक्रिया की सही जानकारी होना जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान भुगतान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझाया गया, ताकि योजना लागू होने के बाद राशि के भुगतान में अनावश्यक परेशानी न आए और प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जा सके।

15 अगस्त से पहले सभी कर्मियों को प्रशिक्षण देने का निर्देश

कार्यशाला के अंत में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 15 अगस्त से पहले प्रखंड और पंचायत स्तर के सभी संबंधित कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध करा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर मिली जानकारी को आगे पंचायत और प्रखंड स्तर तक पहुंचाना जरूरी है। जब कर्मचारियों को योजना की पूरी जानकारी होगी, तभी इसका क्रियान्वयन सही तरीके से हो सकेगा। उन्होंने योजना को प्रभावी, सुचारु और समयबद्ध तरीके से लागू करने पर जोर दिया। कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मियों को यह भी समझाया गया कि योजनाओं की तैयारी केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव की वास्तविक जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। इससे पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी।